मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार का संकल्प हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर युवा तक आगे बढ़ने का अवसर पहुंचाना है। वे दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग (जेईई) एवं मेडिकल (नीट) कोचिंग संस्थान के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। इस संस्थान के माध्यम से राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के 300 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क आवासीय कोचिंग दी जाएगी। चयनित विद्यार्थियों के लिए भोजन और रहने की पूरी व्यवस्था भी की गई है। मुख्यमंत्री ने गुरुजी की प्रतिमा का लोकार्पण करते हुए कहा कि अब नीट और जेईई की तैयारी के लिए छात्रों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। रांची में ही उच्चस्तरीय कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि एबिलिटी टेस्ट में मामूली अंतर से पीछे रह गए प्रतिभाशाली बच्चों को दोबारा अवसर दिया जाएगा। संस्थान में पढ़ाई के साथ खेलकूद की सुविधाएं भी सुदृढ़ की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का आह्वान किया। इस मौके पर मंत्री चमरा लिंडा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और चयनित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 2.14 लाख ओबीसी छात्रोंं को छात्रवृत्ति नहीं
2.14 लाख ओबीसी छात्रों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि नहीं मिली है। सत्र 2024-25 में 2,32,047 ओबीसी छात्रों ने आवेदन किया था, सिर्फ 17,931 छात्रों को ही छात्रवृत्ति का भुगतान हुआ। 2022 में राज्य में छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाकर एक लाख कर दी गई। केंद्र का अंशदान 20 हजार ही रहा। दो वर्षों तक राज्य सरकार ने अपने फंड से अतिरिक्त राशि का भुगतान किया। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह इससे अधिक राशि देने में असमर्थ है। 27 हजार बच्चों को नि:शुल्क भोजन में देरी छात्रावासों में पुस्तकालय की योजना अब भी अधूरी राज्य सरकार के कल्याण विभाग ने निर्णय लिया था कि छात्रावासों में हाई स्कूल और कॉलेज स्तर की पुस्तकों के साथ-साथ यूपीएससी, जेपीएससी, एसएससी, रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, समाचार पत्र, मैगजीन और डिक्शनरी उपलब्ध कराई जाएंगी। पुस्तकालयों के लिए फर्नीचर और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था का भी प्रावधान है, लेकिन फिलहाल यह योजना फाइलों में ही सिमटी हुई है। पहले से चल रही योजनाओं की रफ्तार धीमी योजना की मुख्य बातें शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एसटी छात्रों के लिए एक व दो वर्षीय नि:शुल्क आवासीय नीट-जेईई कोचिंग। राज्य सरकार की पोषण योजना के तहत 594 छात्रावासों के 27 हजार बच्चों को नि:शुल्क भोजन दिया जाना है, लेकिन इसमें विलंब हो रहा है। योजना के तहत एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन मिलना है। प्रति बच्चे पर 3,000 रुपए खर्च का अनुमान है। 215 एनजीओ का चयन हो चुका है और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी इससे जोड़ा जाना है, फिर भी योजना जमीन पर उतरने में देर हो रही है।


