हॉकी प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। रांची को 2030 में होने वाले वीमेंस हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी मिल सकती है। हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने सोमवार को बताया कि वर्ल्ड कप आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह के बीच चर्चा हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट की मेजबानी पर सैद्धांतिक सहमति जता दी है। अब इसे वर्ल्ड हॉकी फेडरेशन के 2026 के एजीएम में रखा जाएगा। इसके बाद आधिकारिक घोषणा होगी। प्रस्ताव के अनुसार, वर्ल्ड कप के मैच मोरहाबादी स्थित मारंग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। कई बड़े आयोजन हुए हैं मोरहाबादी में
मोरहाबादी का यह स्टेडियम पहले ही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, ओलंपिक क्वालिफायर और हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) जैसे बड़े आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है।
राज्य सरकार और हॉकी इंडिया के सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है। पहली बार भारत में होगा वीमेंस हॉकी वर्ल्ड कप
हॉकी वर्ल्ड कप, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) द्वारा आयोजित चार साल में एक बार होने वाली सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। भारत ने पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब अब तक सिर्फ एक बार 1975 में जीता है, जबकि महिला टीम अब तक खिताब नहीं जीत सकी है। महिलाओं का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन चौथा स्थान रहा है। भारत में पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन 1982 में मुंबई, 2010 में नई दिल्ली तथा 2018 और 2023 में भुवनेश्वर में हो चुका है, लेकिन वीमेंस हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन देश में अब तक कभी नहीं हुआ है। ऐसे में रांची को यह मेजबानी मिलना ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। जानिए…रांची में आयोजन से जुड़े बड़े फायदे
2030 वीमेंस हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी से न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश में हॉकी के प्रति उत्साह बढ़ेगा। {स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले देखने और सीखने का अवसर मिलेगा। {रांची में हॉकी से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा। {आयोजन के दौरान होटल, ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा और अन्य सेवाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।


