भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं को अब केवल डेढ़ महीना बचा है, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी अब भी दूर नहीं हो पाई है। हालात यह हैं कि प्रदेशभर में लेक्चरर के करीब 16,828 पद (30%) और सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के 41,973 पद (38%) खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों पर भी है। जिले में करीब दो हजार शिक्षकों के पद अब भी खाली हैं। स्कूलों में 600 से ज्यादा लेक्चरर के पद और डेढ़ हजार से ज्यादा सीनियर टीचर्स के पद रिक्त हैं। माध्यमिक स्कूलों में सभी पद मिलाकर 4 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं। भीलवाड़ा जिले के लगभग सभी उच्च माध्यमिक और माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां विषयवार शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को तीन-चार विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ विषयों की कक्षाएं केवल औपचारिक रूप से चल रही हैं। 683 स्कूलों में 4 हजार से ज्यादा पद रिक्त जिले में कुल 683 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें स्टाफ के स्वीकृत पदों की संख्या 13959 है, लेकिन इनमें से 4 हजार पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। इसके अलावा सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के भी सैकड़ों पद रिक्त हैं, जिससे माध्यमिक स्तर की पढ़ाई पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।


