सवालों के घेरे में अशोका गार्डन में … अशोका गार्डन में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। दो दिन पहले जिस शराब गोदाम को 888 पेटी शराब मिलने के आधार पर सील किया गया था, उसी गोदाम में दोबारा गिनती करने पर 1036 पेटी शराब मिलीं। यानी पहली कार्रवाई के आंकड़े से 148 पेटी ज्यादा। इस अंतर ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को क्राइम ब्रांच और आबकारी विभाग के संयुक्त अमले ने जब सील गोदाम का ताला खोला, तब यह विसंगति सामने आई। आबकारी अफसरों के मुताबिक, मौके पर न तो स्टॉक रजिस्टर मिला और न ही शराब से जुड़ा कोई वैध परमिट। आबकारी अधिकारी बोले-कलेक्टर को भेजेंगे रिपोर्ट सोमवार को ताला खुलवाने के बाद स्टॉक में अंतर मिलने के बाद कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ का कहना है कि रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी। क्राइम ब्रांच ने खुले मैदान में सील किया था गोदाम डीसीपी क्राइम अखिल पटेल के अनुसार रात में एक गाड़ी के साथ दो युवकों को पकड़ा था। गाड़ी में शराब की 19 पेटियां थी। युवकों ने बताया कि वह शराब एकतापुरी मैदान में बने गोदाम से लेकर आए हैं। इसके बाद गोदाम के बाहर एक युवक खड़ा मिला था। गोदाम के अंदर शराब की पेटियां भरीं हुई थी। रिकार्ड रजिस्टर नहीं था। इसके बाद गरेइरम सील कर आबकारी को सूचना दी गई थी। सोमवार को आबकारी विभाग, क्राइम ब्रांच की टीम और ठेकेदार की मौजूदगी में गोदाम का ताला खोला गया था। आगे की कार्रवाई आबकारी करेगा।


