छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर जांजगीर में जनादेश परब आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमला बोला। उन्होंने झीरम घाटी की घटना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय की कांग्रेस के भीतर ही ऐसे लोग मौजूद थे, जो नक्सलियों से संपर्क में थे। नड्डा ने कहा- जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो राज्य की जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन में भी नक्सलवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाने के बजाय समझौते और नरमी का रवैया अपनाया गया, जिससे नक्सल गतिविधियों को बढ़ावा मिला। इस बार की भाजपा सरकार में स्थिति उलट है और नक्सलवाद सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह गया है। उन्होंने राहुल गांधी को भी सीधे तौर पर निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद सत्र चल रहा होता है, तब वे विदेश में रहते हैं और वहीं से भारत के खिलाफ बयान देते हैं। नड्डा ने कहा कि यह एक जिम्मेदार विपक्ष के नेता का आचरण नहीं हो सकता। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल रहा होता है, उसी समय कांग्रेस के नेता विदेशों में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने में लगे रहते हैं। नड्डा ने इसे देश के सम्मान के खिलाफ बताया। भ्रम नड्डा ने भाजपा को जवाबदेह, रिपोर्ट कार्ड वाली सरकार व कांग्रेस को अवसरवादी, भ्रम और विरोध की राजनीति करने वाली पार्टी बताया। मोदी की गारंटी पर जनता को भरोसा, नक्सलवाद अंतिम दौर में: साय सभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर भरोसा जताकर भाजपा को सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में प्रदेश अपराध और भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया था, जिसके दुष्परिणाम आज भी सामने आ रहे हैं। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से नक्सलवाद अब अंतिम दौर में है और 2026 तक देश से इसके पूरी तरह समाप्त होने का संकल्प पूरा होगा।


