राजस्थान पुलिस की एसडीआरएफ टीम ने जोधपुर के करवड़ स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस रूपिन्दर सिंह और कमांडेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में एसडीआरएफ की टीमें नागरिकों को यह समझाने में जुटीं कि किसी भी आपदा के वक्त घबराने के बजाय सुरक्षा उपायों और त्वरित बचाव के तरीकों को अपनाना कितना जरूरी है। शिविर में प्लाटून कमांडर अदिति बेनीवाल के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम ने कई तरह के डेमोंस्ट्रेशन किए। इनमें बाढ़ के दौरान फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन, भूकंप या चक्रवात में राहत और खोज अभियान, घरेलू गैस सिलेंडर विस्फोट के समय प्राथमिक उपचार, और सुनामी जैसी आपदाओं में बचाव के तरीके दिखाए गए। टीम ने बताया कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पहले स्वयं की सुरक्षा और तत्पर सूचना देना सबसे अहम कदम होता है। मौके पर मौजूद छात्रों ने इन रेस्क्यू प्रक्रियाओं को उत्साह से देखा और कई ने स्वयंसेवा में भाग भी लिया। शिविर में टीम सदस्यों ने दिखाया कि आग लगने या लिफ्ट व सीढ़ियों के जाम होने की स्थिति में, ऊँची इमारतों में फंसे लोगों को रस्सियों के सहारे किस तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। इस मौके पर हेडकांस्टेबल भागीरथराम, भंवराराम सहित कुल 16 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम ने भाग लिया। उन्होंने अपने कौशल, अनुशासन और तत्परता से लोगों का मन जीता। टीम के सदस्यों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से आम लोगों में आपदा से निपटने की समझ बढ़ती है और आत्मविश्वास भी आता है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने एसडीआरएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर युवाओं को जीवनरक्षक तकनीकों से परिचित कराते हैं, जो भविष्य में किसी आपात स्थिति में बड़ा सहारा बन सकते हैं।


