खोह में अवैध खनन के खिलाफ संतों में आक्रोश:धार्मिक महत्व के पहाड़ों को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन प्रदर्शन

डीग जिले के खोह क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक नहीं लग पाने से साधु-संतों और स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। साधु-संतों ने बढ़ते अवैध खनन के विरोध में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन का नेतृत्व हरिबोल बाबा और भूरा बाबा कर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए संतों ने बताया कि खोह क्षेत्र के पहाड़ भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली रहे हैं। इनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत पवित्र है। इसके बावजूद खनन माफिया द्वारा लंबे समय से इन पहाड़ों पर अवैध खनन किया जा रहा है।
इस अवैध खनन से न केवल आस्था को गहरी ठेस पहुंच रही है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति हो रही है। साधु-संतों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। संतों ने यह भी बताया कि अवैध खनन के खिलाफ पहले भी कई बार आवाज उठाई गई है। पहाड़ों की रक्षा के लिए पशुपतिनाथ मंदिर पसोपा के महंत विजय दास बाबा ने आत्मबलिदान तक दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन अवैध खनन रोकने में विफल रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद साधु-संतों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक सरकार और प्रशासन अवैध खनन को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के धरने में शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आंदोलन और अधिक व्यापक तथा उग्र रूप ले सकता है।

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