छतरपुर में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत रामेश्वरम-मदुरई के लिए सोमवार को तीर्थयात्रा शुरू हुई। खजुराहो रेलवे स्टेशन से पन्ना जिले के 279 और महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन से छतरपुर जिले के 250 तीर्थयात्री रवाना हुए। महाराजा छत्रसाल स्टेशन पर विधायक ललिता यादव और नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दी। यात्रा के दौरान गढ़ीमलहरा निवासी 62 वर्षीय जानकी देवी चौरसिया को यात्रा से रोक दिया गया। उनके पति अशोक पटेल चौरसिया और एक सहायक को यात्रा के लिए जाने दिया गया, जबकि जानकी देवी अकेली स्टेशन पर रह गई। कई महिलाओं का नाम कटा, पति को यात्रा पर ले गए जानकी देवी ने बताया कि उन्होंने और उनके पति ने एक साथ आवेदन फॉर्म भरे थे, लेकिन उनके पति और सहायक का नाम सूची में आया जबकि उनका नाम नहीं आया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर पति-पत्नी साथ यात्रा करते हैं। इस व्यवस्था से हम वंचित हो गए। जानकी देवी के अलावा आधा दर्जन से अधिक तीर्थयात्री भी स्टेशन पर रह गए और यात्रा पर नहीं जा सके। ये लोग स्टेशन पर बैठकर प्रशासन और सरकार की आलोचना करते रहे। प्रशासन की टीम ने इन्हें अकेले छोड़ दिया, जिससे वे परेशान हुए। संयुक्त कलेक्टर बोलीं- सॉफ्टवेयर के जरिए चयन संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में यात्रियों का चयन NIC सॉफ्टवेयर से लॉटरी के जरिए होता है। फार्म की एंट्री संबंधित निकायों ने कराई थी और टिकट व आई कार्ड पहले से बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि निकायों की जिम्मेदारी थी कि चयनित यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक लाया जाए। यदि कोई चयनित यात्री नहीं आता, तो वेटिंग क्लियर की जा सकती थी। लेकिन किसी का नाम बदलकर किसी अन्य को भेजना संभव नहीं है। कई अधिकारियों की मौजूदगी रही इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी के साथ राजनगर तहसीलदार धीरज गौतम, नायब तहसीलदार सुप्रिया बागरी, छतरपुर तहसीलदार पीयूष दीक्षित, नायब तहसीलदार सौरा आस्था चौबे और सहायक नितिन नामदेव मौजूद रहे। जिले से रवाना होने वाले पांच अनुरक्षक में जयप्रकाश शुक्ला, आशीष गंगेले, कुसुमाकर चौरसिया, सावंत सिंह और बिन्नी रामनरेश शामिल है। सभी यात्रियों को ट्रेन में समय पर बिठाने, आवश्यक निर्देश देने और जानकारी देने के लिए तैनात रहे।


