प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर-रामानुजगंज ने सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को जिला मुख्यालय बलरामपुर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय का घेराव भी किया गया। यह आयोजन केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किया गया था। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक नया बस स्टैंड, बलरामपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद शाम 3 बजे से 5 बजे तक भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, बलरामपुर का शांतिपूर्ण घेराव किया गया। कांग्रेस ने केंद्र की मनरेगा नीति पर उठाए सवाल धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को रद्द कर नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। वक्ताओं ने मनरेगा को करोड़ों जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण साधन बताते हुए इसे कमजोर करने को जनविरोधी कदम बताया। ईडी की FIR रद्द, कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताया इस दौरान नेशनल हेराल्ड प्रकरण का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एफआईआर को अदालत द्वारा रद्द किया जाना सत्य की जीत है। उन्होंने इस मामले को मोदी-शाह और भाजपा द्वारा रचा गया एक राजनीतिक षड़यंत्र बताया, जिसका उद्देश्य विपक्ष को दबाना था। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन में रिपुजीत सिंह, महेश्वर पैकरा, अजय सोनी, अजय गुप्ता, कृपा शंकर, संजीत गुप्ता, नन्हेंलाल गुप्ता, प्रतीक सिंह, अशोक गौड़, जसवंत सिंह, नीरज तिवारी, बृजेश यादव, समीर सिंह देव, राजा चौबे, जीत गुप्ता, मोहनीस अब्दुल्ला, अश्वनी यादव, रामदेव जगते, देव नारायण मरावी, नंदलाल श्यामले, अजय यादव और अमित यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने भाजपा कार्यालय से 100 मीटर पहले बैरिकेड्स लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।


