भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ शहर के अमलावद रोड पर स्थित श्री विश्वेश्वर हनुमान जी मंदिर परिसर में नानी बाई का मायरा कथा का आयोजन किया गया है। कथा का वाचन कान्हा भगत ने किया, जो अपने मधुर और ओजस्वी वाणी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। कथा के चौथे दिन भगत ने नानी बाई के जीवन के बारे में बताया और कहा कि नानी बाई ने अपने पिता को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अपने ससुराल में खुश हैं और अपने पिता को चिंता नहीं करनी चाहिए। भगत ने कहा कि नानी बाई की यह चिट्ठी उनके पिता के लिए एक बड़ा संदेश था, इसमें उन्होंने अपने पिता को यह बताया था कि वह अपने ससुराल में खुश हैं और उन्हें अपने पिता की चिंता नहीं करनी चाहिए। भगत ने आगे कहा कि आज के युग में बेटियों को थोड़ा दुख सहने की शक्ति देनी चाहिए और उन्हें अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने माता सीता, नानक जी महाराज की बेटी का उदाहरण दिया। कहा कि दुख और सुख दुनिया के दो किनारे हैं और हमें दोनों को स्वीकार करना चाहिए। भगत ने कहा कि दुख-सुख दोनों ही जीवन के अभिन्न अंग हैं और हमें दोनों को स्वीकार करना चाहिए। दुख में भी सुख की तलाश करनी चाहिए और सुख में भी दुख की संभावना को नहीं भूलना चाहिए। कथा को श्रवण करने के लिए आसपास के क्षेत्र के शहर वासी और गांव वासी काफी संख्या में कथा को श्रवण करने आ रहे हैं।


