श्री क्षत्रिय युवक संघ का 80वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया:सरकारी कर्मचारियों के लिए स्नेह मिलन और स्नेह भोज का भी आयोजन

डीडवाना में श्री क्षत्रिय युवक संघ का 80वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। यह आयोजन राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ राजपूत सभा भवन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ तनसिंह के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। लाडनूं प्रांत प्रमुख विक्रम सिंह ढींगसरी ने मंगलाचरण व प्रार्थना प्रस्तुत की। सहगीत गोपाल सिंह सिंघाना द्वारा कराया गया। संभाग प्रमुख शिंभू सिंह आसरवा ने इस अवसर पर संघ प्रमुख लक्ष्मण सिंह बैण्यां का बास का नववर्ष संदेश उपस्थितजनों को पढ़कर सुनाया। स्थापना दिवस के अवसर पर डीडवाना शहर में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए एक स्नेह मिलन एवं स्नेह भोज कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें जेठू सिंह करणोत, आरएएस हिमानी राठौड़, अजीत सिंह सेवा, भगवान सिंह बुटाटी, राजपाल सिंह खींवज, अजीत सिंह छोटी खाटू, दिलीप सिंह सांजू, मैनपाल सिंह जाखल, कर्नल राजेन्द्र सिंह कोयल, राजेन्द्र सिंह सामेचा कोठी और अनिरुद्ध सिंह मामड़ोदा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेठू सिंह करणोत ने व्यक्ति और परिवार के निर्माण में महिला शक्ति की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बालिकाओं और महिलाओं को संघ के महिला शक्ति शिविरों से जोड़ने का आह्वान किया। नवचयनित आरएएस हिमानी राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने तनसिंह को प्रेरणापुंज बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित संगठन पिछले 79 वर्षों से समाज और राष्ट्र निर्माण का कार्य निरंतर कर रहा है। डॉ. अजीत सिंह सेवा ने कहा कि नौकरशाह प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनका व्यवहार ऐसा होना चाहिए जिससे आमजन सहजता से संपर्क कर सकें। भगवान सिंह बुटाटी ने मानव जीवन के चार पुरुषार्थों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित न रहकर सदाचारयुक्त जीवन अपनाना आवश्यक है, जिसके लिए संघ का साहित्य मार्गदर्शन करता है। जितेन्द्र सिंह सांवराद ने कहा कि ऐसे आयोजन आपसी प्रेम और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं, जो सर्वसमाज के लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने पूर्वजों की त्याग व बलिदान की परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि राष्ट्र पुनरुत्थान की ओर अग्रसर हो और भारत पुनः विश्वगुरु बन सके। कार्यक्रम को कर्नल राजेन्द्र सिंह, चंद्रवीर सिंह सारड़ी, ईश्वर सिंह सांवराद, अजीत सिंह रूवां एवं बजरंग सिंह सेवा ने भी संबोधित किया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

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