शाजापुर जिले के कुछ स्कूलों में रेप के आरोपी आसाराम से जुड़े कार्यक्रम और सामग्री के प्रचार का आरोप लगाते हुए पालक संघ ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे संघ के सदस्यों ने सीएम के नाम ज्ञापन देकर शिक्षा के अधिकार अधिनियम और संविधान का उल्लंघन बताया। शिक्षण समय में धार्मिक गतिविधियों पर आपत्ति पालक संघ का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28(1) के अनुसार, धार्मिक विद्यालयों को छोड़कर किसी भी शैक्षणिक संस्था में शिक्षण समय के दौरान धार्मिक गतिविधियां नहीं कराई जा सकतीं। स्कूल धर्मनिरपेक्ष स्थान होते हैं, जहां सभी धर्मों के बच्चे पढ़ते हैं। इसके बावजूद कुछ स्कूलों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो नियमों के खिलाफ हैं। पालक संघ के अनुसार, सोमवार को जिले के कुछ स्कूलाें में तुलसी पूजन दिवस के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में आसाराम से जुड़े पोस्टर और पर्चे बांटे गए। बच्चों से तुलसी पूजन, नाम जप, ध्यान और प्राणायाम कराया गया। आरोप है कि इन कार्यक्रमों को प्राचार्यों ने शासकीय गतिविधि की तरह संपन्न कराया। शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ठेस पालकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि विज्ञान और तर्क के दौर में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में अवैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हैं और इससे शासन की छवि भी प्रभावित होती है। जांच और कार्रवाई की मांग ज्ञापन में मांग की गई है कि संबंधित स्कूलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पालकों ने सवाल उठाया कि वे बच्चों को स्कूल पढ़ाई के लिए भेजते हैं, न कि किसी विशेष विचारधारा या व्यक्ति के प्रचार के लिए। इन स्कूलों पर लगे आरोप ज्ञापन में जिन स्कूलों के नाम शामिल हैं, उनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय सांदीपनी स्कूल गुलाना, बाल गंगाधर हायर सेकेंडरी स्कूल सुनेरा और हिंद जूनियर कॉलेज सीबीएसई स्कूल शाजापुर शामिल हैं। स्कूल प्रबंधन का पक्ष वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि सोमवार को तुलसी पूजन दिवस के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसमें बच्चों को तुलसी के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों ने ध्यान और प्राणायाम किया तथा तुलसी माता की आरती और परिक्रमा की। आयोजन के अंत में बच्चों को तुलसी टॉफी, पत्रिका और पेन वितरित किए गए। कार्यक्रम में करीब 2000 बच्चों ने भाग लिया।


