फीस कम करने को लेकर धरने पर बैठे छात्र, छात्राओं से एसडीएम और तहसीलदार ने समझाइश की। करीब तीन घंटे के विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया। मामला बाड़मेर शहर के पीजी कॉलेज मंगलवार सुबह करीब 10 बजे का है। स्टूडेंट ने कहना है कि बीते 7 दिनों से कॉलेजों में प्रदर्शन चल रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 850 रुपए कम कर दिए है। लेकिन हमारी मांग है कि जो फीस बढ़ाई उसको पूरी कम की जाए। दरअसल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बाड़मेर के बैनर तले मंगलवार को बाड़मेर पीजी कॉलेज परिसर में गेट का ताला लगाकर स्टूडेंट धरने पर बैठ गए। कॉलेज के अंदर न लेक्चरर और प्रिंसिपल को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस जाब्ता कॉलेज पहुंचा। वहीं एसडीएम यशार्थ शेखर, तहसीलदार हुकमीचंद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रिसिंपल मरनाली चौहान ने स्टूडेंट से वार्ता की। इस दौरान कॉलेज में पीजी और एमबीसी कॉलेज दोनों के स्टूडेंट वहां पर पहुंचे थे। स्टूडेंट का कहना है कि – जेएनवीयू यूनिवर्सिटी ने कॉलेज के परीक्षा शुल्क तीन गुणा (1200 से 1400) बढ़ाकर 3100 से 3300 कर दिए। जो कि अनैतिक और अव्यवहारिक है। बीते 7 दिनों से सभी कॉलेज के स्टूडेंट्स ने विरोध दर्ज करवाने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 850 रुपए परीक्षा शुल्क कम किया है। यह स्टूडेंट के साथ धोखा है। तीन गुणा फीस का एक तिहाई कम करके स्टूडेंट के साथ कुठाराघात किया है। एबीवीपी इसका पूरा जोर विरोध करती है। बढ़ी पूरी फीस को यूनिवर्सिटी वापस लें। अन्यथा यूनिवर्सिटी का घेराव करने की जरूरत पड़ी तो भी घेराव किया जाएगा।


