मरवाही एसडीएम देवेंद्र सिरमौर ने मध्यप्रदेश से अवैध धान तस्करी रोकने के लिए दरमोहली गांव में सड़क पर गड्ढा खुदवाया है। यह गड्ढा मध्यप्रदेश के वेंकटनगर को जाने वाले रास्ते पर खोदा गया। हालांकि, इस उपाय के बावजूद अवैध धान तस्करी रुक नहीं रही है और रोजाना अगल-बगल के रास्तों से धान मध्यप्रदेश से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लाया जा रहा है। इस गड्ढे का कुछ हिस्सा मध्यप्रदेश की सीमा में भी खुदवा दिया गया है। इसे लेकर मध्यप्रदेश के वन विभाग ने मौखिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई है। एसडीएम ने स्वीकार किया है कि इस कार्य के लिए किसी उच्चाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। मरवाही में धान तस्करी रोकने दो बैरियर लगाए गए एसडीएम देवेंद्र सिरमौर ने मरवाही के दरमोहली गांव में अंतरराज्यीय धान तस्करी रोकने के लिए दो बैरियर भी स्थापित करवाए हैं। इसके बावजूद, गड्ढे के अगल-बगल से गाड़ियां धान लेकर छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर रही हैं। यह धान औपचारिक बैरियरों के जरिए बिचौलियों तक पहुंच रहा है और फिर बड़े पैमाने पर समितियों में खपाया जा रहा है। धान तस्करी पर नहीं लग पा रही लगाम इन बैरियरों से एक रास्ता निमधा गांव के लिए और दूसरा धोबहर गांव के लिए जाता है। पहले इस बैरियर को मध्यप्रदेश की सीमा से ठीक सटे उस जगह पर लगाया गया था, जहां एसडीएम ने गड्ढा खुदवाकर मार्ग से धान रोकने का प्रयास किया है। यदि इस बैरियर को गड्ढे से करीब 200 से 300 मीटर अंदर छत्तीसगढ़ की सीमा में स्थापित किया जाता, तो यह अधिक कारगर होता और इस रास्ते से धान सहित गांजा तस्करी काफी हद तक रुक सकती थी। धान तस्करी और राहगीरों की मुसीबत जारी वर्तमान में इन बैरियरों पर रोकने के लिए आज केवल एक स्टाफ सदस्य तैनात दिखा। एसडीएम द्वारा खुदवाए गए गड्ढे के कारण राहगीर गिर रहे हैं, वहीं नाम मात्र के लिए बनाए गए ये बैरियर प्रशासन के लिए केवल खानापूर्ति साबित हो रहे हैं।


