ज्यादातर वाहन पुराने, इनकी कीमत चालान राशि से कम:पीकर गाड़ी चलाने पर अब 15 हजार रुपए तक जुर्माना, नतीजा: महीनों से गाड़ी जब्त, लोग छुड़ाने ही नहीं जा रहे

नए कानून में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर जुर्माना राशि बढ़ाकर 10-15 हजार रुपए तक कर दी गई है। इसका नतीजा यह हुआ कि अब पकड़े जाने पर ऐसे लोग चालान जमा कराने ही नहीं पहुंच रहे हैं। इससे पहले जुर्माना राशि 2 हजार रुपए थी। ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड बता रहा है कि साल 2024 में शराब पीकर वाहन चलाने वाले 492 लोगों पर कार्रवाई की गई। साल 2023 में यह संख्या 660 थी। इनमें कई लोग अब तक चालान की राशि जमा करने नहीं पहुंचे।
इसके पीछे दो वजह बताई जा रही हैं। नया कानून लागू होने के बाद ऐसे वाहन चालकों पर 10 हजार से 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। अधिकतर लोगों के दोपहिया वाहन काफी पुराने थे, जिनकी कीमत चालान से कम हो गई है। यही वजह है वह अब तक रकम जमा कराने ही नहीं पहुंचे। यह चालानी राशि कोर्ट में हाजिर होने के बाद भरवाई जाती है। चालान न भरने वालों में दोपहिया वाहन चालक ही ज्यादा हैं। जब्ती के 7 साल के बाद ही ट्रैफिक पुलिस ऐसे वाहनों को नियमानुसार नीलाम करती है। इससे पहले 2 हजार रुपए जुर्माना राशि का प्रावधान था। 32 से ज्यादा ऐसे वाहन चालक हैं, जो 2 हजार रुपए की जुर्माना राशि जमा कराने नहीं पहुंचे। 6 माह से 1 साल तक बीता… कोई रिस्पॉन्स नहीं 1. रमाकांत शराब के नशे में मोटर साइकल चलाता पकड़ा गया। पुलिस ने बाइक जब्त कर ली। 10 हजार रुपए का चालान हुआ। 6 महीने से बाइक थाने में रखी है। रमाकांत अब तक चालान भरने नहीं पहुंचा। बाइक काफी पुरानी हो चुकी है। 2. विजय सिंह का भी ऐसा ही हाल है। शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर करीब एक साल बाद भी विजय चालान भरने नहीं आया। उसकी एक्टिवा काफी पुरानी है। ट्रैफिक पुलिस कई बार संपर्क कर चुकी है, लेकिन विजय का रिस्पॉन्स नहीं आया। 3.साल 2016 में शराब पीते पकड़े गए चालकों के वाहन अभी तक ट्रैफिक थाने में खड़े हैं। उस समय 2 हजार रुपए चालान होता था। 2016 के तीन चालक आज तक यह रकम जमा करने नहीं पहुंचे। अब इनके वाहन नीलामी की तैयारी है। 7 साल बाद नीलामी का नियम है
^लंबे समय तक चालानी रकम जमा नहीं की जाती तो 7 साल के बाद ऐसे वाहनों को नीलाम करने का नियम है। साल 2024 में ऐसे कई वाहन चालक हैं, जो जुर्माना राशि जमा कराने नहीं पहुंचे। संजय सिंह, डीसीपी ट्रैफिक

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