शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में हाथियों के हमले थम नहीं रहे हैं। ग्राम पंचायत खैरा के गाजर और मलईचा टोला में सोमवार देर रात हाथियों ने एक घर पर हमला कर उसे पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया। इस हमले में परिवार के सदस्य तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी पूरी गृहस्थी उजाड़ गई। नर्मदा साहू का परिवार रात में अपने कच्चे मकान में सो रहा था, तभी अचानक हाथियों के झुंड ने हमला बोल दिया। हाथियों ने घर की दीवारें और छप्पर गिराना शुरू कर दिया। आहट मिलते ही परिवार ने सूझबूझ दिखाई और अंधेरे में ही भागकर अपनी जान बचाई। इस घटना में नर्मदा साहू का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और घर में रखा अनाज, कपड़े व बर्तन सब कुछ बर्बाद हो गया। वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में गुस्सा इस पूरी घटना में वन विभाग की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की तुरंत जानकारी देने के बावजूद 16 घंटे तक विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। मदद न मिलने के कारण पीड़ित परिवार को कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की इस सुस्ती की वजह से कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है। दहशत के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण गांव के लोगों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड इसी इलाके में डेरा जमाए हुए है। पीड़ित परिवार की सदस्य प्रेमवती साहू ने बताया कि हाथियों ने उनका सब कुछ छीन लिया है और अब उनके पास न रहने को छत है और न खाने को अनाज। हाथियों के लगातार मूवमेंट की वजह से पूरे गांव में खौफ का माहौल है और लोग रात के समय घरों से निकलने में भी डर रहे हैं।


