उदयपुर में देबारी स्टेशन से उमरा (उमरड़ा) स्टेशन के बीच करीब 25 किलोमीटर ट्रैक पर दूसरी लाइन बिछाने के लिए भारतीय रेलवे ने 492 करोड़ मंजूर कर दिए है। उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने बताया कि केंद्रीय रेल सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से पिछले दिनों मिलकर इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आग्रह किया था, जिस पर रेल मंत्री ने सर्वे कार्य पूरा करवा कर स्वीकृति प्रदान कर दी है। सांसद रावत ने बताया कि रेलवे द्वारा क्षेत्र में रेल संपर्कों को मजबूत बनाने के लिए विशेष पहल की गई है। इसी कड़ी में राजस्थान के महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र उदयपुर में रेल सम्पर्क को बेहतर और सुदृढ़ करने के लिए उमरा-देबारी के 25 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के लिए 492 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस दोहरीकरण से पर्यटन नगरी उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज रेलवे नेटवर्क उपलब्ध होगा। साथ ही क्षेत्र का अहमदाबाद और जयपुर के मध्य भी तीव्र सम्पर्क स्थापित होगा। यह कार्य काफी समय से लंबित था। 25 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण कार्य का सर्वे होने के बाद इस काम को स्वीकृति दे दी गई है। इस मार्ग के दोहरीकरण होने से चित्तौड़गढ़ तथा उदयपुर में पर्यटक गतिविधियां बढ़ेगी और भीलवाड़ा में कपड़ा उद्योग व चित्तौडगढ़ के आस-पास स्थित सीमेंट इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा तथा रोज़गार के नए अवसरों का सृजन होगा। इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा साथ ही ट्रेनों की गति में भी वृद्वि होगी। उल्लेखनीय है कि उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 354 करोड़ रुपए की लागत के साथ प्रगति पर है। डबल लाइन से उदयपुर से जयपुर, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनों को लाभ होगा। वर्तमान में उदयपुर सिटी स्टेशन पर सेकंड एंट्री बिल्डिंग का काम चल रहा है। जगह की कमी के कारण पिटलाइन और यार्ड को उमरड़ा में शिफ्ट करने का प्रस्ताव है। दरअसल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेनें तो चलाई जा रही हैं। परंतु एक ही रेलवे ट्रैक होने के कारण ट्रेनों को बीच रास्ते रोककर दूसरी ट्रेनों को निकालना पड़ता है। इस डबल लाइन बनने से कई फायदे होंगे।


