महाविद्यालय की डायरेक्टर 4500 की रिश्वत लेते गिरफ्तार:मोबाइल स्नेचिंग गैंग का पुलिस ने किया भंडाफोड़; 6 शातिर बदमाश गिरफ्तार, 43 मोबाइल और 9 बाइक बरामद

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को जयपुर में एसीबी ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मीरा केशव महिला प्रशिक्षण महाविद्यालय की डायरेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शिक्षा संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जानकारी के अनुसार, एसीबी जयपुर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी कॉलेज में अटेंडेंस पूरी नहीं होने के कारण महाविद्यालय की निदेशक भंवर कंवर उसे लगातार परेशान कर रही थी। बाद में निदेशक ने अटेंडेंस पूरी करने के एवज में 5000 रुपए की रिश्वत की मांग की। सत्यापन के बाद बिछाया ट्रैप, 4500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। मंगलवार को एसीबी जयपुर एस.यू. फर्स्ट की पुलिस निरीक्षक अर्चना मीणा के नेतृत्व में टीम ने महाविद्यालय की निदेशक भंवर कंवर को 4500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद की गई। पूछताछ जारी, आगे होगी जांच एसीबी की टीम गिरफ्तार निदेशक से पूछताछ कर रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेंगी। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है और एसीबी की सख्ती से सरकारी व निजी संस्थानों में रिश्वतखोरी करने वालों में डर का माहौल बना है। वहीं शहर की सड़कों पर पलक झपकते ही मोबाइल छीनकर फरार होने वाले शातिर स्नैचरों पर पुलिस ने एक संगठित मोबाइल स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। जिला विशेष टीम (DST), शिवदासपुरा, सांगानेर सदर और अशोक नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई मामलों का खुलासा हुआ है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने बताया- पुलिस थाना शिवदासपुरा, सांगानेर सदर, अशोक नगर, जिला विशेष टीम जयपुर साउथ और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन कर शिकायतों पर कार्रवाई की गई। आरोपी पावर बाइक से वारदातों को अंजाम देते थे उन्होंने बताया- 20 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच थाना शिवदासपुरा में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मोबाइल स्नैचिंग के पांच प्रकरणों का खुलासा किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पांच शातिर मोबाइल स्नैचरों को डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपियों से 34 मोबाइल फोन, 2 पावर बाइक और 7 अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी पावर बाइक से वारदातों को अंजाम देते थे और जयपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में 20 से 25 मोबाइल स्नेचिंग की घटनाएं कर चुके हैं। मामले में पुलिस ने मंडोर, थाना फागी निवासी विकास हरिजन (20 साल), ग्राम ग्वार ब्राह्मण, थाना सांगानेर निवासी अर्जुन हरिजन उर्फ बाबू (19 वर्ष), ग्राम महला, थाना मुकमपुरा निवासी महेश रैंगर उर्फ पिंटू (23 वर्ष), थाना रेनवाल मांझी निवासी उदय वाल्मीकी (19 वर्ष) और जिला सवाई माधोपुर, हाल गोविंदपुरा, सांगानेर सदर निवासी सुरेश (19 वर्ष) को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ पूर्व में भी जयपुर शहर व जयपुर ग्रामीण के विभिन्न थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जयपुर दक्षिण पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल स्नेचिंग की वारदातों पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। 3 देसी कट्टे​​​​​​​ के साथ चिंटू गिरफ्तार डीसीपी साउथ राजर्षि राज (IPS) ने बताया- मोबाइल स्नेचिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान मानसरोवर क्षेत्र में जिला विशेष टीम ने आर्म्स एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 देसी कट्टे बरामद किए। इस मामले में इंद्रेश सैन उर्फ चिंटू को गिरफ्तार किया गया। 50 लाख रुपए कीमत के 248 मोबाइल फोन बरामद कर असली मालिकों को लौटाए जयपुर दक्षिण पुलिस द्वारा गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “आपका मोबाइल फिर से आपका” के तहत अब तक करीब 50 लाख रुपए कीमत के 248 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। वांछित अपराधियों पर लगातार कार्रवाई पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देश पर चलाए गए वांछित अपराधियों के अभियान के तहत 63 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। शेष वांछित अपराधियों की तलाश लगातार जारी है।

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