पन्ना पुलिस ने ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के 9 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह लोगों को असली सोना दिखाकर नकली जेवर थमाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली जेवर, नकदी और बाइकें सहित करीब 5.44 लाख रुपए का मशरुका जब्त किया है। आरोपी समूह बनाकर घूमते थे एसपी निवेदिता नायडू ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी समूह बनाकर घूमते थे और लोगों को विश्वास दिलाते थे कि उन्हें खुदाई में पुराना गड़ा हुआ धन (सोने की मोहरें या चांदी के सिक्के) मिला है। विश्वास जीतने के लिए वे जांच हेतु असली सोने का एक छोटा टुकड़ा (गुरिया या तार) देते थे। जब पीड़ित जांच के बाद संतुष्ट हो जाता, तो वे उसे भारी मात्रा में नकली जेवर थमाकर लाखों रुपए ऐंठ लेते और फरार हो जाते थे। असली सोने की गुरिया दिखाकर की 7 लाख की ठगी इस गिरोह ने सलेहा निवासी अनिल गुप्ता को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने उन्हें पहले असली सोने की गुरिया दिखाई, जिसका सत्यापन कराने पर वह सही निकली। इसके बाद 7 लाख रुपए में सोने की माला का सौदा तय हुआ। फरियादी अनिल गुप्ता ने जब 3 लाख रुपए नगद दिए, तो आरोपी माला लाने का बहाना बनाकर मौके से चंपत हो गए। राजस्थान के जालौर और उदयपुर से पकड़ाए 9 आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए सलेहा थाना प्रभारी बलबीर सिंह और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घेराबंदी कर राजस्थान के जालौर और उदयपुर जिले से गिरोह के 9 आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,22,000 रुपये नकद, लगभग 3 किलो 680 ग्राम नकली जेवर, 4 बाइकें और 60 मिलीग्राम असली सोना बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जगदीश सोलंकी, लक्ष्मण सोलंकी, पिटाराम, पुजाराम, परसाराम, कालूराम (सभी निवासी जालौर, राजस्थान) तथा सुनील बागड़े, अजय बागड़े और शंकर राठौड़ शामिल हैं।


