सीहोर में कोटवारों ने नई वर्दी का बहिष्कार किया:भ्रष्टाचार और अपमान का आरोप, रैली निकालकर CM के नाम ज्ञापन सौंपा

सीहोर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को कोटवारों ने सरकार द्वारा दी गई नई वर्दी का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने वर्दी के विरोध में एक रैली निकाली और अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। कोटवारों ने आरोप लगाया कि नई वर्दी में भ्रष्टाचार हुआ है और वे इसे नहीं पहनेंगे। कोटवारों ने ‘वर्दी में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा, कोटवार नई वर्दी नहीं पहनेगा’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें पुलिस जैसी वर्दी देकर सम्मान दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार की वर्दी में कोटवार ‘गांव के शैतान’ जैसे दिखेंगे। कोटवारों ने सरकार की नई वर्दी को अनुपयुक्त, अपमानजनक और हतोत्साहित करने वाला बताया। मध्य प्रदेश ग्राम कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष छगनलाल मालवीय के नेतृत्व में जिले भर से आए कोटवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के नाम तहसीलदार अमित सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। सेवानिवृत्त पर परिजनों को शीघ्र नियुक्त की मांग
ज्ञापन में कोटवारों ने मांग की कि उन्हें दी जा रही रेडीमेड वर्दी गुणवत्ताहीन है और उन्हें ऐसी वर्दी नहीं चाहिए। उन्होंने पहले की तरह वर्दी का पैसा, कपड़ा और सिलाई का खर्च सीधे उनके बैंक खाते में डालने की मांग की, ताकि वे अच्छी गुणवत्ता की वर्दी खरीद सकें। इसके अतिरिक्त, कोटवारों ने सेवानिवृत्ति पर निर्धारित एक लाख रुपए की राशि बिना देरी के सेवानिवृत्त कोटवारों को प्रदान करने और सेवानिवृत्त पद पर परिजनों को शीघ्र नियुक्त करने की मांग की। उन्होंने उन कोटवारों की किसान आईडी बनवाने, उन्हें प्रधानमंत्री सम्मान निधि की पात्रता में शामिल करने और दबंगों के कब्जे से उनकी जमीन मुक्त कराने की भी अपील की। कोटवारों ने अपना वेतन हर महीने नियत तारीख पर देने और वर्ष 2023 में घोषित 500 रुपए की वेतन वृद्धि को पूरा करने की भी मांग की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *