मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय में चर्चा में रहने वाले भौतिक शास्त्र विभाग के प्रोफ़ेसर एमएस ढाका को लेकर विश्वविद्यालय ने उनको सेवामुक्त करने का फैसला किया और उसके बाद आदेश भी निकाल दिए। ढाका पर नियुक्ति में भ्रामक और झूठे दस्तावेज़ पेश करने के आरोप लगे है। आज विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल (बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट) की बैठक में यह निर्णय किया गया। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के बोम की बैठक मंगलवार को कुलगुरु प्रोफ़ेसर बीपी सारस्वत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट ने भौतिक शास्त्र विभाग के प्रोफ़ेसर एमएस ढाका को विश्वविद्यालय सेवा से सेवामुक्त करने का निर्णय लिया। बैठक में चर्चा के दौरान बताया गया कि भौतिक शास्त्र विभाग में सह आचार्य के रूप में प्रारंभिक नियुक्ति के दौरान प्रो ढाका द्वारा भ्रामक और असत्य दस्तावेज़ प्रस्तुत किए जाने के आरोप में तत्कालीन कुलाधिपति द्वारा 2022-23 में उनके खिलाफ प्राप्त शिकायत की जांच समिति द्वारा जांच कराई गई थी। सन 2023 में कुलाधिपति सचिवालय द्वारा जांच समिति की अनुशंसा विश्वविद्यालय को प्रेषित कर कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किए थे। जुलाई 2023 के प्रबंध मण्डल के निर्णयनुसार प्रो ढाका के विरुद्ध प्रतापनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रकरण में 17 अक्टूबर 2025 को राज भवन ने प्रो ढाका के ख़िलाफ़ जांच समिति की अनुसंशा के अनुसार विश्वविद्यालय के नियमों के अंतर्गत कार्रवाई करने का आदेश दिया था। प्रकरण मे विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल ने कुलाधिपति के निर्देश और जांच समिति की अनुशंसा के अनुसार विश्वविद्यालय के सेवा नियम 73(4) के तहत प्रो ढाका को सेवामुक्त करने का निर्णय किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने देर शाम प्रो ढाका की विश्वविद्यालय सेवा से सेवामुक्ति के आदेश जारी कर राजभवन को उक्त कार्रवाई से अवगत करा दिया गया। बैठक में बोम सदस्य विधायक उदय लाल डांगी, वित्त विभाग की ओर से सीआर देवासी, सरकार के प्रतिनिधि कुलदीप गहलोत और राजीव सक्सेना के साथ ही रजिस्ट्रार डॉ बीसी गर्ग, वित्त नियंत्रक गिरीश कच्छारा, प्रो हनुमान प्रसाद, प्रोफ़ेसर दिग्विजय भटनागर, प्रो सीपी जैन और डॉ बालूदान बारहट उपस्थित थे।
विश्वविद्यालय कर्मचारियों को भी अब RGHS का लाभ
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ.कुंजन आचार्य ने बताया कि प्रबंध मंडल की बैठक में तय किया गया कि आरजीएचएस योजना के तहत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को भी अब राज्य कर्मियों के समानांतर स्लेब में शामिल करते हुए वही लाभ दिया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को राज्यकर्मियों के समान चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाएगा। नेहरू हॉस्टल की ज़मीन से सेक्टर तीन की सर्विस रोड निर्माण के लिए विश्वविद्यालय की ओर से सड़क निर्माण के लिए सैद्धांतिक सहमति देने का निर्णय किया गया। बैठक में गत लंबे समय से लंबित दो पुस्तकालय अध्यक्ष को केरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति का लाभ देने की प्रक्रिया में उनके प्रमोशन के लिफ़ाफ़े खोले गए।


