कोचिंग एरिया में नशा सप्लाई डिलीवरी करने वाला गिरफ्तार:ब्लिंकिट से ऑर्डर कर मंगा रहे थे नाबालिग स्टूडेंट्स, पुलिस ने कंपनी को किया था आगाह

कोटा पुलिस के ‘ऑपरेशन नश्वर’ अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थ बेचने वालों की धरपकड़ जारी है। स्टूडेंट्स को ऑनलाइन धूम्रपान और नशे की सामग्री सप्लाई करने वाले ब्लिंकिट कंपनी के डिलीवरी बॉय को गिरफ्तार किया गया है। इस कंपनी का ऑफिस कोचिंग एरिया में है। पुलिस ने कंपनी को पहले ही नाबालिग स्टूडेंट को धूम्रपान की सामग्री सप्लाई न करने को लेकर आगाह किया था। शहर एसपी अमृता दुल्हन ने बताया- कोटा शहर में कोचिंग संस्थानों,स्कूलों,हॉस्पिटल के आस-पास धूम्रपान, नशे की सामग्री, दुकानदारों ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए बेचने की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन नश्वर’ नाम से एक अभियान चलाया। ब्लिंकिट कंपनी का डिलीवरी बॉय गिरफ्तार कोटा शहर एडिशनल एसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने कुन्हाड़ी पुलिस थाना पुलिस के साथ कोचिंग एरिया के लैंडमार्क इलाके में नाबालिग बच्चों को धूम्रपान सामग्री डिलीवर करते एक व्यक्ति को पकड़ा। आरोपी ने अपना नाम सत्य प्रकाश (45) बताया। उसे धूम्रपान अधिनियम में गिरफ्तार किया गया। वह ब्लिंकिट कंपनी का डिलीवरी बॉय है। कोटा पुलिस कंपनी को पहले लिख चुकी है पत्र शहर एसपी अमृता दुल्हन ने बताया- ब्लिंकिट कंपनी का कोचिंग एरिया में दफ्तर है। जिसके प्रतिनिधि को कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने पहले भी आगाह किया था कि वे नाबालिग स्टूडेंट्स को धूम्रपान नशे की सामग्री सप्लाई न करें। कंपनी की ओर से धूम्रपान सामग्री स्टूडेंट को ऑनलाइन ऑर्डर के साथ डिलीवरी की जा रही थी। जांच के दौरान ब्लिंकिट कंपनी में कितने लोग शामिल हैं, उनकी क्या भूमिका है। इसकी भी जांच की जा रही है। यहां लगे सीसीटीवी के डीवीआर और रजिस्टर में हो रही एंट्री की भी जांच कर रही है। कंपनी की एप्लीकेशन से नशे की सामग्री को हटाने की मांग कोचिंग इलाके में रहने वाले गोविंद ने बताया- ब्लिंकिट एप्लीकेशन से सिगरेट, हुक्का, नशे की सामग्री हटा देनी चाहिए। यह नुकसानदायक है। कुछ लोग कोचिंग इलाके में स्टूडेंट को ऑनलाइन सप्लाई करते हैं, इन्हें रोका जाना चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए। एसपी ने शहरवासियों से की अपील एसपी ने कहा- स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग और हॉस्पिटल के आस-पास किसी भी प्रकार के नशे को बेचना अपराध है। नाबालिग बच्चों और स्टूडेंट्स को धूम्रपान सामग्री देना जे जे एक्ट के तहत अपराध है, जिसके तहत बेचने वाले को 7 साल की सजा और जुर्माना का प्रावधान भी है। शहर के नागरिक और स्टूडेंट्स से अपील है कि यदि कोई दुकानदार नशे की सामग्री धूम्रपान नाबालिग बच्चों को देता है तो उसका फोटो लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पर बताए और पुलिस की सहायता करें।

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