धार की ऐतिहासिक भोजशाला में आज (मंगलवार) नियमित सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इसमें भोज उत्सव समिति के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। उज्जैन जिले के शकरखेड़ी वृन्दावन धाम से गोपाल कृष्ण महाराज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सत्याग्रह के दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी हेमंत दोराया ने बताया कि आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। समिति की ओर से टोलियां बनाकर घर-घर जाकर लोगों को मां सरस्वती के जन्मोत्सव पर भोजशाला आने का निमंत्रण दिया जाएगा। ग्रामीण स्तर पर भी बैठकों के माध्यम से लोगों को भोजशाला पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। अखंड पूजा की अनुमति की मांग
भोज उत्सव समिति के सदस्यों का कहना है कि भोजशाला में मां वाग्देवी की पुनः स्थापना और भोजशाला की मुक्ति को लेकर उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। समिति ने प्रशासन से मांग की है कि बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा की अनुमति दी जाए। वर्तमान आदेश के अनुसार, प्रति मंगलवार को हिंदू समाज भोजशाला में मां सरस्वती का पूजन, भजन और हनुमान चालीसा का पाठ करता है। वहीं, प्रति शुक्रवार मुस्लिम समुदाय द्वारा जुम्मे की नमाज अदा की जाती है। ऐसे में जब बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ती है, तो पूजा और नमाज दोनों को लेकर प्रशासन के सामने व्यवस्थागत चुनौती खड़ी हो जाती है। आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी शुक्रवार को ही पड़ रही है, जिसके कारण भोज उत्सव समिति ने पहले से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।


