रिम्स में क्रिटिकल केयर मेडिसिन कोर्स की पढ़ाई को मंजूरी राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधीन पहली बार नर्सिंग का अलग निदेशालय गठित किया जा रहा है। नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ करने और सरकारी अस्पतालों में नर्सों की कमी दूर करने की दिशा में इसे एक अहम और दूरगामी कदम माना जा रहा है। संबंधित नियमावली के गठन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निदेशालय में निदेशक, संयुक्त निदेशक समेत अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नर्सिंग निदेशालय में निदेशक पद पर ऐसे चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक संवर्ग से हों और जिन्हें किसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूनतम 15 वर्ष का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव हो। वहीं संयुक्त निदेशक पद के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कम से कम 12 वर्ष का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव अनिवार्य किया गया है। इन पदों पर नियुक्ति तीन वर्षों के कार्यकाल के लिए होगी। यदि कार्यकाल के दौरान पदाधिकारी सेवानिवृत्त होते हैं, तो उनका कार्यकाल सेवानिवृत्ति की तिथि तक ही मान्य रहेगा। स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग निदेशालय के लिए आवश्यक अन्य मानव संसाधनों की बहाली की दिशा में भी काम कर रहा है। वर्तमान में राज्य में करीब 100 नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं। लंबे समय से इन संस्थानों के प्रभावी नियंत्रण, बेहतर प्रबंधन, पाठ्यक्रम निर्धारण और गुणवत्ता निगरानी के लिए एक स्वतंत्र नर्सिंग निदेशालय की मांग की जा रही थी।निदेशालय के गठन से नर्सिंग संस्थानों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा और सरकारी अस्पतालों में नर्सों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अजय सिंह ने नर्सिंग का अलग निदेशालय गठित किए जाने की पुष्टि की है। इन एजेंडों को भी दी गई स्वीकृति बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में एलएलबी (तीन वर्षीय) कोर्स रिम्स के डेंटल इंस्टीट्यूट के बीडीएस कोर्स को स्थायी संबद्धता रिम्स में क्रिटिकल केयर मेडिसिन कोर्स की पढ़ाई को मंजूरी आरयू : पांच नए नर्सिंग कॉलेजों को एफिलिएशन, 2 नए कोर्स को मंजूरी रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) के अंतर्गत पांच नए नर्सिंग कॉलेजों को एफिलिएशन (संबद्धता) की अनुशंसा प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही नर्सिंग के दो नए कोर्स शुरू करने की भी अनुमति दी गई है। यह निर्णय मंगलवार को हुई आरयू एफिलिएशन कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वर्चुअल मोड में शामिल प्रभारी कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने की। बता दें कि रांची यूनिवर्सिटी के अंतर्गत पहले से ही 41 नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं। नए कॉलेजों और कोर्स को मंजूरी मिलने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में दी गई मान्यता के तहत पांच नए कॉलेजों में बीएससी बेसिक नर्सिंग की पढ़ाई शुरू होगी। वहीं पहले से संचालित नर्सिंग कॉलेजों में पोस्ट बेसिक नर्सिंग कोर्स की अनुमति दी गई है। इसके अलावा एक कॉलेज में नए कोर्स के रूप में पीजी नर्सिंग की पढ़ाई शुरू करने को भी मंजूरी प्रदान की गई है। शारदा ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बुखरू, कांके: बीएससी बेसिक नर्सिंग ज्ञानोदय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, होचर, कांके: बीएससी बेसिक नर्सिंग डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पिस्का नगड़ी: बीएससी बेसिक नर्सिंग माधुरी नर्सिंग कॉलेज, नयासराय, मुड़मा : बीएससी बेसिक नर्सिंग आइडियल एकेडमी ऑफ नर्सिंग एजुकेशन, दलादली, रांची : बीएससी बेसिक नर्सिंग सतीश कुमार सिन्हा मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मांडर : नर्सिंग कॉलेज ये हैं नए नर्सिंग कॉलेज


