भास्कर न्यूज | गढ़वा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को नये समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 60 से अधिक फरियादियों ने अपनी व्यक्तिगत व सामूहिक समस्याओं को सीधे उपायुक्त के समक्ष रखा। जनसुनवाई के दौरान स्वास्थ्य, राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुआवजा, अतिक्रमण, सरकारी योजनाओं का लाभ, आंगनबाड़ी सेविका चयन, पंचायत सहायक चयन, पेयजल एवं स्वच्छता तथा रोजगार सृजन से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित जांच कर नियमानुसार समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मौके पर रंका प्रखंड के तमगेकला गांव निवासी विगनी देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए बताया कि उनके गांव के दो व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से योजना का लाभ लिया गया है। राशि की निकासी भी कर ली गई है। इस संबंध में पूर्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उपायुक्त ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। चिनियां प्रखंड के चपकली गांव निवासी खुर्शीद आलम ने बताया कि उनकी पत्नी की मृत्यु पिछले माह बिजली करंट से हो गई थी, जिसकी पुष्टि सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के माध्यम से हुई है। इसके बावजूद मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया है। उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को शीघ्र मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने व मृतका के आश्रित बच्चों को सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिया। शैक्षणि प्रमाणपत्र में पिता का नाम गलत वहीं रमना प्रखंड के कबिसा गांव निवासी सुजीत कुमार ने अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र में पिता के नाम में त्रुटि की समस्या रखी। इस पर उपायुक्त ने राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कबिसा के प्राचार्य को मामले का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ताकि छात्र को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं मेराल प्रखंड के करकोमा गांव के ग्रामीणों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्मित जलमीनार में गंभीर अनियमितता की शिकायत की। ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता, क्षमता में कमी एवं सोलर प्लेट अधूरी लगाए जाने की बात कही। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को इसकी जांच कर दोषी संवेदक पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिया। मौके पर उपायुक्त ने कहा कि जनसुनवाई प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच है। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होता है, बल्कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास भी मजबूत होता है।


