भास्कर न्यूज | ब्यावर प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग भारत सरकार तथा शासन सचिव जन अभियोग निराकरण विभाग द्वारा प्रदत्त निर्देशों की पालना में जिले में सुशासन हेतु किए गए नवाचारों एवं प्रयासों के आदान-प्रदान के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा सुशासन के क्षेत्र में अपनाई गई पहल, अनुभव एवं नवाचार साझा किए गए। कार्यशाला के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने कहा कि सुशासन केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अंतर्मन, मानवीयता और संवेदनशीलता का विषय है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सुशासन का पुरोधा बताते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से आह्वान किया कि वे स्वार्थ से परे होकर, अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक सेवा पहुंचाएं। प्रशासन का चेहरा मानवीय हो, कठोर नहीं, नागरिक सदैव केंद्र बिंदु में रहें। कार्यशाला में सुशासन संबंधी नवाचार-1 के अंतर्गत भारत उपवन कार्यक्रम पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल लाल द्वारा प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया गया। उपखण्ड अधिकारी ब्यावर दिव्यांश सिंह ने ई-फाइल, जनाधार, ऑनलाइन प्रमाण-पत्र, 181 हेल्पलाइन जैसी सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि तकनीक से न केवल कागजी कार्य कम हुआ है, बल्कि पारदर्शिता और त्वरित सेवा भी सुनिश्चित हुई है। आने वाले समय में एआई तकनीक से मानवीय त्रुटियों में कमी और सुशासन में और सुधार होगा। नवसृजित जिला ब्यावर के गठन के पश्चात ग्रामीण विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिकायत निवारण, सार्वजनिक निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई सुशासन पहल पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सुशासन संबंधी नवाचार-2 के अंतर्गत सेफ आई-सेफ हाईवे कार्यक्रम पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यशाला को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


