भास्कर न्यूज | पटना ग्राम सावारावा में आयोजित धार्मिक कथा कार्यक्रम के दौरान शिव विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर शिव विवाह की भव्य झांकी और सजीव प्रस्तुति देखने बड़ी संख्या में ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक सुरेन्द्र दास वैष्णव रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण कथा के माध्यम से शिव-पार्वती विवाह की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। जैसे ही शिव विवाह का प्रसंग आया, पूरा पंडाल हर-हर महादेव और जय माता पार्वती के जयघोष से गूंज उठा। कथा में श्रद्धालु इतने तल्लीन हो गए कि उन्हें समय का आभास ही नहीं रहा। शिव विवाह के आयोजन और व्यवस्थाओं में गांव के रामनारायण, विनीत, राजेश, दिनेश, हरि शंकर, वेदप्रकाश, विकास देव, अनुराधा, डिंपल, अनीता, शिवरात्रि, कांति सहित अनेक ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में दिन-रात मेहनत की। आयोजन स्थल की साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और बैठने की उचित व्यवस्था की थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिव विवाह की सजीव प्रस्तुति में आंचल ने भगवान शिव की भूमिका निभाई। वहीं माता पार्वती के रूप में गांव की नैना ने मनमोहक अभिनय किया। दोनों कलाकारों की सादगी, भाव-भंगिमा और अभिनय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विवाह की रस्मों, बारात, जयमाल और मंगल गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया। कथा के दौरान कथा वाचक सुरेन्द्र दास वैष्णव ने शिव-पार्वती विवाह से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि शिव विवाह त्याग, तप, समर्पण और पारिवारिक जीवन के आदर्शों का प्रतीक है। कथा के समापन पर महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से आपसी भाईचारा, संस्कृति और आस्था मजबूत होती है। शिव विवाह कथा का यह आयोजन लंबे समय तक श्रद्धालुओं की स्मृति में बना रहेगा।


