भास्कर न्यूज | प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित दवनकरा एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्राम पंचायत मटिंगड़ा सहित आसपास के गांवों के किसानों ने समिति प्रबंधन पर बिना ऋण लिए भी उन्हें कर्जदार बताकर अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में किसानों ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (राजस्व) प्रतापपुर के माध्यम से कलेक्टर सूरजपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई है। किसानों का कहना है कि वे समिति से केवल खाद लेते हैं, जिसकी राशि हर वर्ष धान विक्रय के समय समायोजित कर ली जाती है। इसके बावजूद रिकॉर्ड में मनमाने ढंग से कर्ज दर्शाकर दोहरी वसूली की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। मामले में समिति के प्रबंधक संतोष नाविक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसानों का दावा है कि उनके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी की कई शिकायतें दर्ज हुईं, एफआईआर तक हुई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार संतोष नाविक को कई बार निलंबित या बर्खास्त किया गया, लेकिन हर बार बहाल कर दिया। पूर्व में मुख्यमंत्री जनदर्शन में 119 क्विंटल फर्जी धान विक्रय का मामला भी सामने आया था, जिसकी जांच सही पाई गई, फिर भी कार्रवाई लंबित है। किसानों ने चेतावनी दी है कि छह दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करेंगे। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से सहकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


