भास्कर न्यूज | अंबिकापुर 18वें एनुअल कांफ्रेंस ऑफ छत्तीसगढ़ एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन (CGAPCON -2025) में सरगुजा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जेके सिंह को उनके चार दशकों से अधिक समय तक चिकित्सा सेवा में योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। जीवन ज्योति हॉस्पिटल, अंबिकापुर के चेयरमैन और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जेके सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा यही रहा कि मरीजों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाओं को धीरे-धीरे उपलब्ध कराया गया और स्वास्थ्य सेवा में गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने आगे कहा 42 साल पहले चिकित्सा सुविधाएं इतनी एडवांस नहीं थीं और स्वास्थ्य जागरूकता का अभाव भी था। आज मरीजों को बेहतर और एडवांस इलाज मिल रहा है। अस्पताल की डायरेक्टर संध्या सिंह ने कहा कि देश के जिम्मेदार नागरिक की भूमिका यही है कि जहां जरूरत हो, वहां सेवा दें। मुझे खुशी है कि मेरे पति डॉ. जेके सिंह ने सरगुजा को अपनी कर्मभूमि के रूप में चुना और पिछले 42 वर्षों से यहां लगातार सेवा दे रहे हैं। सरगुजा के लिए यह जरूरी था। समाज सेवा के क्षेत्र में वरिष्ठ पार्षद विजय सोनी को भी जीवन ज्योति हॉस्पिटल की ओर से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में लगातार योगदान सराहा गया। समाज सेवा की बात जब आती है तो सरगुजा में एक बड़ा नाम वरिष्ठ पार्षद विजय सोनी का सामने आता है। सामाजिक क्षेत्र में कई काम किए जा रहे हैं। धार्मिक क्षेत्र की बात भी करें तो प्रतिवर्ष छठ महापर्व पर एक बड़ा आयोजन लोगों की आस्था को देखते हुए उनके द्वारा कराया जाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. सिंह का नेतृत्व सराहनीय रहा। न्यूनतम मृत्यु दर के साथ अस्पताल ने इस कठिन दौर में मानव जीवन की रक्षा की। उनका जीवन मंत्र है एक अच्छा इंसान बनना ही सबसे महत्वपूर्ण है, जो आज भी नई पीढ़ी के चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रेस वार्ता में डॉ. स्नेहा सिंह ने 12 दिसंबर को शुरू हुए श्री आईवीएफ क्लीनिक की जानकारी दी। इसके साथ ही अस्पताल की डायरेक्टर संध्या सिंह, एमडी पैथोलॉजिस्ट डॉ. आकाश सिंह और अन्य चिकित्सक भी उपस्थित रहे। समाज सेवा में योगदान: वरिष्ठ पार्षद विजय को सम्मान चिकित्सा यात्रा गोरखपुर के पास गांव से शुरू हुई डॉ. सिंह की चिकित्सा यात्रा गोरखपुर के पास एक गांव से शुरू हुई। उन्होंने अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल अंबिकापुर से पूरी की और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एमडी (मेडिसिन) की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 1983 में उन्होंने अंबिका क्लिनिक से पेशेवर जीवन की शुरुआत की, जो आज जीवन ज्योति हॉस्पिटल के रूप में विकसित हो चुका है और पूरे क्षेत्र में नैतिक चिकित्सा, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत क्रिटिकल केयर के लिए मानक स्थापित कर चुका है।


