मकर संक्रांति का पावन पर्व इस वर्ष विशेष महत्व के साथ 14 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्योतिर्विद राघवेंद्ररविश राय गौड़ के अनुसार, भगवान सूर्य दोपहर 2:58 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिनमें पुनर्वसु नक्षत्र सुबह 10:17 तक रहेगा, उसके बाद पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग शुरू हो जाएगा। इस वर्ष की मकर संक्रांति की विशेषता यह है कि सालों बाद पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साथ ही बालक और कौलव करण के साथ शिववास योग भी बन रहा है। सूर्य के उत्तरायण होने से खरमास समाप्त हो जाएगा, जिससे सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ हो सकेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और सूर्य उपासना का विशेष महत्व है। बाजारों में रौनक, खरीददारी कर रहे लोग
त्योहार को लेकर बाजारों में उत्साह का माहौल है। पतंग, गिल्ली-डंडा और तिल से बनी गजक की खूब खरीदारी हो रही है। इस दिन सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। विशेष रूप से, भगवान सूर्य एक माह के लिए अपने पुत्र शनि के घर का वास करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन काले तिल का दान करने से शनि की बाधाओं से मुक्ति मिलती है।


