अरावली आंदोलन: कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का मोर्चा​​​​​​​:कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नई परिभाषा से अरावली खनन में कमी आएगी

अरावली आंदोलन की प्लानिंग को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रवक्ता व पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और 2025 के नियम में अरावली के 500 मीटर के दायरे में आने वाला क्षेत्र फिर चाहे वो 100 मीटर से छोटा ही क्यों ना हो, आरक्षित किया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि अरावली की नई परिभाषा में पहले से हो रहे खनन में कमी आएगी। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित अन्य कांग्रेसी नेता जनता में केवल झूठ व भ्रम फैलाने का काम कर रहे है। जबकि वास्तविकता यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अरावली पर्वतमाला में खनन कम होगा। भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा व विधायक कैलाश वर्मा ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अरावली पर्वतमाला क्षेत्र की खनन गतिविधियों के आंकड़े रखे। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी नेताओं को अरावली हिल्स की परिभाषा का ही पता नहीं है। भाजपा की भजनलाल सरकार प्रकृति के सरंक्षण की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अरावली को कोई नुकसान नहीं होगा। भाजपा सरकार की मंशा है कि अरावली संरक्षित क्षेत्र को परिभाषित किया जाए और अवैध खनन को पूर्णरूप से प्रतिबंधित किया जाए। इस परिभाषा के आधार जब तक कोई प्लान नहीं बन जाता, तब ​तक किसी प्रकार का खनन पट्टा जारी न​हीं किया जाएगा। सिर्फ अरावली में कार्रवाई अवैध खनन पर 2 साल में कार्रवाई डोटासरा शब्दों की मर्यादा भूल चुके : भाजपा प्रवक्ता कैलाश वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा शब्दों की मर्यादा भूल चुके है। उन्होंने संगठित गिरोह शब्द का इस्तेमाल किया, जो कि अमर्यादित है। कांग्रेसी नेता राजनीति में सुर्खियों में रहने के लिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। जनता इनके हथकंड़े पहचान चुकी है।

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