जयपुर में इस बार लोहड़ी का त्योहार पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर आया। राजापार्क समेत शहर के 500 स्थानों पर परंपरागत लकड़ी की जगह गौ काष्ठ से लोहड़ी प्रज्ज्वलित की गई, जिससे लगभग 300 पेड़ों को कटने से बचाया गया। राजापार्क के मुख्य चौराहे पर आयोजित विशेष समारोह में गौ काष्ठ के साथ गाय का देसी घी, 31 जड़ी बूटियां और हवन सामग्री का प्रयोग किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोहड़ी प्रज्ज्वलित की गई। राजापार्क गौ सेवा समिति, राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा, राजापार्क व्यापार मंडल और सर्व मंगल सेवा समिति के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन किया गया। पिछले छह वर्षों से यहां लोहड़ी, होलिका दहन और अन्य मांगलिक कार्यों में गौ काष्ठ का उपयोग किया जा रहा है, जो राजापार्क आर्य समाज में उपलब्ध कराया जाता है। समारोह में नव विवाहित जोड़ों और नवजात बच्चों के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। साथ ही देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में पंजाबी संस्कृति की झलक देखने को मिली, जहां ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा प्रस्तुतियां दी गईं। परंपरागत प्रसाद के रूप में गुड़-चीनी की रेवड़ी, मूंगफली, पिंड खजूर, मक्के के फुले और गजक का वितरण किया गया। इस तरह जयपुर के पंजाबी-सिख समाज ने त्योहार के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश भी दिया। राजापार्क में हुए कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ और गोपाल शर्मा मौजूद रहे।


