भास्कर न्यूज | बालोद बुधवार को सुबह 7 से शाम 4 बजे तक बालोद की दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठानें बंद रहेंगी। बसें, ट्रेन निर्धारित समय पर चलेंगी। इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। शीतकालीन अवकाश की वजह से सरकारी व निजी स्कूल पहले से बंद है। दरअसल कांकेर (आमाबेड़ा) में धर्मांतरण के हिंसक विरोध और प्रशासनिक भेदभाव के खिलाफ सर्व समाज ने 24 दिसंबर को बालोद सहित छत्तीसगढ़ बंद कराने का निर्णय लिया है। जिसका समर्थन चेम्बर ऑफ कॉमर्स से जुड़े व्यापारी वर्ग भी करेंगे। तहसील साहू संघ बालोद एवं सभी ग्रामीण परिक्षेत्र के पदाधिकारियों ने सुबह 7 बजे शाम 4 बजे तक बंद का समर्थन देने का निर्णय लिया। तहसील के पदाधिकारी अटल परिसर मंे एकत्रित होकर दोपहर 2 बजे पुराना बस स्टैंड के पास आक्रोश सभा में शामिल होकर प्रदर्शन करेंगे। बंद के दौरान पूर्ण समर्थन के संबंध में प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी की अध्यक्षता में व्यापारिक संगठनों एवं चेंबर पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें कांकेर जिले के आमाबेड़ा में स्थानीय जनजाति समाज पर किए गए योजनाबद्ध हमले और स्थानीय प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये पर नाराजगी व्यक्त किया गया। पदाधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण एक गंभीर और चिंतनीय मुद्दा बन चुका है। षड्यंत्रपूर्वक और धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को रोकना अत्यंत आवश्यक है। दुखद यह है कि ऐसी घटनाओं में स्थानीय प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। इस अत्याचार के खिलाफ व्यापारियों को एकजुट होकर सहयोग देना होगा। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से जवानों को तैनात किया जाएगा।


