दमोह के सामान्य वन मंडल में 18 से 24 दिसंबर तक चल रही बाघ गणना के दौरान कई जंगली और मांसाहारी जानवरों के पदमार्क मिले हैं। इनमें तेंदुए और भेड़िये के परिवार के पदमार्क भी शामिल हैं। वन अमला इस खोज से काफी उत्साहित है, क्योंकि इससे सामान्य वन मंडल में वन्यजीवों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जगी है। गणना कार्य में लगे वन कर्मचारियों को प्रतिदिन पांच किलोमीटर तक जंगलों में पैदल चलना पड़ता है। कोहरे और ठंड के कारण रात में उन्हें जंगली जानवरों से खतरा महसूस होता है। यह गणना सुबह पांच बजे से शुरू होती है, जब वन अमला घने कोहरे के बीच जानवरों की खोज में निकलता है। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के जंगलों में कई प्रकार के जंगली जानवर अपना रहवास बनाए हुए हैं। तेंदूखेड़ा, तेजगढ़, झलोन और तारादेही रेंज में घने जंगल हैं, जहां तेंदुआ, भालू और जंगली कुत्तों जैसे मांसाहारी जानवर देखे गए हैं। शाकाहारी जानवरों में हिरण, नीलगाय और बंदर प्रमुख रूप से पाए गए हैं। गणना के दौरान कुछ ऐसी प्रजातियों के पदमार्क भी मिले हैं, जिन्हें वन विभाग अपनी धरोहर मानता है। इन सभी जानवरों के पदमार्क चिन्हों को सावधानीपूर्वक एकत्रित किया जा रहा है।


