जबलपुर के सिहोरा क्षेत्र में जिला बनाने की मांग पिछले 27 सालों से चल रही है। इसी को लेकर पिछले 20 दिनों से आमरण सत्याग्रह जारी है। इस दौरान सिहोरा क्षेत्र चार दिन बंद भी रहा। आंदोलनकारियों में से एक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू, अन्न त्याग करने के कारण आईसीयू में भर्ती हुए। उन्हें डिप्टी सीएम ने सीएम से बातचीत का आश्वासन दिया था लेकिन 2 हफ्ते बाद भी यह पूरा नहीं हुआ। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने प्रमोद साहू से 13 दिसंबर 2025 को बात की थी। अगले मंगलवार यानी 16 दिसंबर 2025 को सीएम से टेबल टॉक का भरोसा दिलाया था और अनशन त्यागने का अनुरोध किया। प्रमोद साहू ने जल ग्रहण किया, लेकिन अन्न त्याग जारी रखा। पहला मंगलवार 16 दिसंबर को डिप्टी सीएम के आश्वासन के बावजूद मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं हो सकी क्योंकि डिप्टी सीएम के करीबी का निधन हो गया। इसके बाद 23 दिसंबर को अगला मंगलवार आया। लेकिन तब भी बात नहीं हो पाई। मंगलवार से ही विधायक के दोनों नंबर स्विच ऑफ रविवार को क्षेत्रीय भाजपा विधायक संतोष वरकड़े ने भी आंदोलनकारियों से कहा कि मुख्यमंत्री ने आपसे मिलने बुलाया है और सोमवार को तैयार रहें। करीब 50 आंदोलनकारी मंच पर उपस्थित हुए और 10 निजी गाड़ियां भी तैयार कर ली गईं। हालांकि, सोमवार को शाम को विधायक का कॉल आया और बताया कि मुख्यमंत्री से समय नहीं ले पाए। इस पर आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी। मामले में दैनिक भास्कर ने क्षेत्रीय विधायक संतोष वरकड़े से बात करने की कोशिश की, जिन्होंने आंदोलनकारियों से भोपाल चलने और CM से मिलाने की बात कही थी। मंगलवार की सुबह से ही उनके दोनों नंबर स्विच ऑफ आ रहे हैं। समिति बोली- जनाक्रोश विस्फोट की कगार पर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने कहा कि सिहोरा में जनाक्रोश विस्फोट की कगार पर है। आंदोलनकारियों ने पुतला दहन और सड़क जाम की योजना बनाई है। समिति ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले किए गए वादे निभाए नहीं गए और आमरण सत्याग्रह जैसे संवेदनशील आंदोलन को झूठे आश्वासन देकर तुड़वाना सरकार की संवेदनहीनता और दोगले चरित्र को उजागर करता है। पुतला दहन और सड़क जाम की योजना आंदोलन समिति ने घोषणा की है कि 25 दिसंबर को सिहोरा नगर और प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री के कुल 101 पुतले जलाए जाएंगे। 27 दिसंबर को जिला बनाने के मुद्दे पर सड़क जाम कर उग्र विरोध दर्ज कराया जाएगा। घर-घर पुतला दहन का आह्वान समिति ने सिहोरा वासियों से कहा कि यह लड़ाई किसी एक संगठन या व्यक्ति की नहीं, बल्कि सिहोरा के हर नागरिक के स्वाभिमान की लड़ाई है। इसलिए प्रत्येक नागरिक अपने घर के बाहर मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश सरकार का सांकेतिक पुतला दहन करें। उग्र आंदोलन की चेतावनी समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी सरकार जिला सिहोरा की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन और भी उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। सिहोरा अब चुप नहीं बैठेगा, यह संघर्ष आर-पार का है। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू ने 6 दिसंबर से लगातार आमरण सत्याग्रह कर रहे हैं। उन्होंने 17 दिनों से अन्न ग्रहण नहीं किया, जिससे उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई है।


