नए साल पर पलटन घाट पर उमड़ते हैं हजारों पर्यटक:छत्तीसगढ़-झारखंड से आते हैं लोग, कन्हर नदी में डूबने का खतरा, सावधानी बरतने की सलाह

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के पास वाड्रफनगर रोड पर स्थित पलटन घाट हर साल नए साल के जश्न का प्रमुख केंद्र बन गया है। यह स्थल छत्तीसगढ़ और झारखंड से हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं। कन्हर नदी के किनारे बसा पलटन घाट अपनी अनोखी सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां के रंग-बिरंगे और चमकदार पत्थर संगमरमर जैसे दिखाई देते हैं, जो सैलानियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होते हैं। चारों ओर घने जंगल, पक्षियों की मधुर आवाजें और नदी की बहती धाराएं इस घाट को जीवंत बनाती हैं। पिकनिक मनाने पहुंचते है पर्यटक दिसंबर के अंतिम दिनों से लेकर जनवरी के मध्य तक यहां पिकनिक मनाने वालों की भीड़ लगी रहती है। नए साल के दिन सुबह से ही परिवार, मित्र और रिश्तेदार पलटन घाट पहुंचने लगते हैं। पर्यटक नदी किनारे बैठकर प्रकृति का आनंद लेते हैं, रेतीली जमीन पर चूल्हा जलाकर पिकनिक मनाते हैं, और बच्चे रेत व पानी में खेलते हैं। कन्हर नदी का जलस्तर गहरा हालांकि, इस सुंदर स्थल पर सतर्कता बरतना भी आवश्यक है। कन्हर नदी का जलस्तर कई स्थानों पर अचानक गहरा हो जाता है, जिसका अंदाजा बाहर से नहीं लग पाता। पूर्व में यहां नहाने के दौरान डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई है। इसके बावजूद, हर साल कुछ सैलानी लापरवाही बरतते हुए नदी में उतर जाते हैं, जो चिंता का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलटन घाट क्षेत्र की पहचान है, लेकिन नदी के कुछ हिस्से बेहद खतरनाक हैं, जहां पानी बाहर से कम गहरा दिखता है जबकि अंदर गहराई अधिक होती है।

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