मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) ने समाज में बढ़ते नशा और साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दों पर छात्रों को जागरूक करने के लिए एक विशेष सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन डीसीपी जयपुर पश्चिम अमित कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। सत्र में सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक, फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी आर.एस. शर्मा ने नशा मुक्त परिसर बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि नशा न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह समाज में अपराधों की बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण भी है। साइबर अपराधों से सुरक्षा पर चर्चा एसीपी साइबर क्राइम चंद्र प्रकाश ने भारत में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर छात्रों को जागरूक किया। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी, पहचान चोरी, और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों पर विस्तार से चर्चा की और इनसे बचने के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय सुझाए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें और अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विश्वविद्यालय प्रशासन की भागीदारी सत्र में मणिपाल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष, डॉ. एन.एन. शर्मा ने स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के जागरूकता सत्र छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय हमेशा इस तरह की सकारात्मक पहलों में प्रशासन का साथ देगा। रजिस्ट्रार, डॉ. नीतू भटनागर ने भी सत्र की सराहना करते हुए छात्रों को नशा और साइबर अपराध से संबंधित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक बताया कि जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही क्षेत्रों में सतर्क रहना आवश्यक है। कार्यक्रम का समापन एक सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें अमित कुमार, आर.एस. शर्मा, और चंद्र प्रकाश को उनकी अमूल्य सहभागिता के लिए शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।


