उसने मेरे सामने ही मेरी मां को थप्पड़ मारा था। नुकीली चीज से वॉर किया था, उनके चेहरे से खून निकलने लगा और बोल रहा था क्या कर लिया। तभी सोच लिया था कि आज नहीं तो कल इसे जान से खत्म कर दूंगा। रविवार शाम को मौका मिल गया, उतार दिया गले में चाकू… ये कहना है हत्यारे रोहित पाल का, जिसने 21 दिसंबर को बीच सड़क पर पड़ोस में रहने वाले पवन अहिरवार की हत्या कर दी थी। क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल पुलिस ने आरोपी को जबलपुर-नागपुर हाईवे पर स्थित बसा गांव से गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। सितंबर में हुआ था विवाद मृतक पवन अहिरवार और रोहित पाल ई-रिक्शा चलाते हैं। राजीव गांधी नगर में दोनों का घर भी आसपास है। सितंबर में पवन अहिरवार चार्जिंग पाइंट जा रहा था, तभी उसका रिक्शा रोहित के दरवाजे से टकरा गया। रोहित की मां शकुन बर्मन बाहर निकली और पवन को डांटना शुरू कर दिया। आवेश में आकर पवन ने शकुन को थप्पड़ मार दिया। यह सब रोहित के सामने हुआ। दोनों का जमकर विवाद भी हुआ। हंगामा होता देख पड़ोसी मौके पर पहुंचे और दोनों को शांत करवाया। अगले दिन फिर रोहित और पवन आमने-सामने आ गए। लड़ाई फिर हुई तो भाई का साथ देने के लिए छोटा भाई पंकज भी आ गया। गुस्से में पवन ने रोहित से कह दिया कि तेरे आंखों के सामने तेरी मां को मारा, क्या कर लिया तूने। यह बात रोहित को इस कदर खली कि उसने कहा कि तुम दोनों भाईयों में से किसी एक की हत्या जरूर होगी। इतना कहकर रोहित वहां से चला गया। आए दिन होने लगा विवाद पवन अहिरवार (मृतक) के परिवार में पत्नी, बेटी और छोटे भाई के साथ-साथ माता-पिता रहते हैं। जबकि रोहित के घर में पत्नी माता-पिता थे। दोनों की दुश्मनी यहां तक पहुंच गई कि परिवार वाले आपस में लड़ने लगे। आए दिन दोनों परिवार के बीच, विवाद और लड़ाई होने लगी। रविवार को मिल गया मौका रविवार को रोहित रिक्शा लेकर नहीं गया था और घर पर ही था। इसी शाम को पवन ई-रिक्शा लेकर दमोह नाका के लिए निकला, रोहित ने सफेद एक्सिस से उसका पीछा किया। आईटीआई से सवारी बैठाकर पवन रिक्शा लेकर जा रहा था, जैसे ही वह आईएसबीटी बस स्टैंड के पास पहुंचा, तभी पीछे से रोहित टू-व्हीलर में आया और ई-रिक्शा से टकरा दिया, जिसके चलते वहीं पर दोनों की बहस हो गई, इसी बीच रोहित ने चाकू निकाला और पवन के गले में ताबड़तोड़ हमला कर दिया। एक के बाद एक पांच वार रोहित ने किए, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शहर छोड़कर भागने की तैयारी में था रविवार शाम को हत्या करने के बाद रोहित माढ़ोताल होते हुए जबलपुर-नागपुर हाईवे रिंग रोड से लगे ग्राम बसा में जाकर छिप गया। आरोपी जल्द ही जबलपुर छोड़ने की तैयारी में था। हत्यारे की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित माढ़ोताल थाने की पांच टीमें लगी थीं। इसी दौरान मंगलवार को सूचना मिली कि बसा गांव के पास बगैर नंबर की सफेद एक्सिस खड़ी है। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश और एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी कि गिरफ्तार किया। बोल रहा था तूने क्या कर लिया पुलिस पूछताछ में आरोपी रोहित ने बताया कि कुछ माह पहले जब विवाद हुआ तो मेरे सामने ही मां पर हाथ उठा दिया, इतना नहीं नुकीली चीज से हमला भी कर दिया, जिससे कि उनके चेहरे से खून निकलने लगा। इतना सब करने के बाद भी अक्सर कहता था कि तूने क्या कर लिया। बस उसी दिन सोच लिया था कि दोनों भाईयों मे एक की जरूर हत्या करूंगा। आरोपी ने बताया कि प्लान तो कई बार किया पर मौका नहीं मिल रहा था। जब भी उसका चेहरा देखता था तो बदला ही दिमाग में आता था। हत्या करना ही था मकसद आरोपी रोहित ने जिस तरह से पवन के गले में चाकू से हमला कर उसकी हत्या की थी, वह सोच के ही आया था कि हत्या करना ही है। पीएम रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि पवन के गले में चार से पांच वार किए गए थे, जिसके चलते अधिक खून बह जाने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। हत्यारा काफी गुस्से में था वह सरेराह पवन को चाकू मारता रहा और कोई उसे पकड़ने या फिर पवन को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। जहां की हत्या-वहीं निकाला जुलूस रोहित को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को पुलिस उसे वहीं पर ले गई, जहां पर कि उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। एक हाथ टूटा-एक पैर टूटा, और लंगड़ाते हुए रोहित चल रहा था। पुलिस ने उसका जुलूस निकाला और बताया कि यह वही हत्यारा है, जिसने कि सरेराह एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी रोहित के खिलाफ चार अपराध पहले से ही दर्ज हैं, जिसमें जुआ, मारपीट और आर्म्स एक्ट है।


