जयपुर के मणिपाल अस्पताल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। अस्पताल में दुनिया की पहली रोबोटिक कार्डियक टेलीसर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह उपलब्धि भारत में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के विकास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कार्डियक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. ललित आदित्य मलिक के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक सर्जरी की गई। डॉक्टर ने 286 किलोमीटर दूर से रोबोटिक तकनीक की मदद से मरीज की सर्जरी की। 9 जनवरी को पहली सर्जरी के सफल होने के बाद, अगले ही दिन 10 जनवरी को दूसरी सर्जरी भी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं में एक नए युग की शुरुआत है। रोबोटिक टेलीसर्जरी की मदद से अब दूरदराज के क्षेत्रों में भी जटिल ऑपरेशन किए जा सकेंगे। मणिपाल अस्पताल के इस प्रयास से क्रिटिकल केयर सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। दोनों ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। जयपुर में सर्जिकल टीम का नेतृत्व करने वाले मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर में कार्डियक सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. ललितादित्य मलिक ने कहा, 59 वर्षीय जगदीश प्रसाद और 56 वर्षीय पवन कुमार की सफल रोबोटिक सहायता वाली टेलीसर्जरी दर्शाती है कि कैसे उन्नत तकनीक दूरियों को कम करके और सटीक, समय पर उपचार को सक्षम करके स्वास्थ्य सेवा में क्रांति ला रही है। पहला ऑपरेशन, इंटरनल मैमरी आर्टरी हार्वेस्टिंग, और दूसरी, एक ग्राउंड ब्रेकिंग टोटली एंडोस्कोपिक कोरोनरी आर्टरी बाईपास – सबसे जटिल हृदय शल्यचिकित्सा में से एक – केवल 40 मिलीसेकंड की अविश्वसनीय रूप से कम विलंबता के साथ टेलीसर्जरी के माध्यम से की गई थी। यह मील का पत्थर विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि रोगियों को उपचार विष्व में उपलब्ध सबसे उन्नत तकनीक का लाभ मिले। दोनों सर्जरी एसएस इनोवेशन के सहयोग से की गईं, जो मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर को गुरुग्राम में एसएस इनोवेशन से 286 किलोमीटर की दूरी पर जोड़ती हैं। टेलीसर्जरी की व्यवहार्यता को प्रदर्शित करते हुए असाधारण सटीकता और टीमवर्क के साथ पूर्ण किया गया। जबकि डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने दूर से सर्जरी का मार्गदर्शन किया। जयपुर में कार्डियक सर्जरी के प्रमुख डॉ. ललित आदित्य मलिक ने विशेषज्ञ देखभाल के साथ अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए मौके पर दोषरहित निष्पादन सुनिश्चित किया।


