किशनगढ़बास में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ये शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल तिजारा, रणवीर सिंह के आदेशानुसार आयोजित हुआ। पीएलवी सूरजभान कछवाहा और गुलाब शर्मा ने समाज के बुजुर्गों को उनके कानूनी, सामाजिक और नागरिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। शिविर के दौरान, पीएलवी सूरजभान कछवाहा और गुलाब शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया। इसमें वृद्धावस्था पेंशन योजना और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम 2007 शामिल था। इस अधिनियम के तहत बच्चों पर अपने माता-पिता के भरण-पोषण की कानूनी जिम्मेदारी होती है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक कार्ड के लाभों पर भी प्रकाश डाला गया, जो स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं में रियायतें प्रदान करता है। सरकारी अस्पतालों में निशुल्क या रियायती स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त या रियायती कानूनी सलाह और सहायता और यात्रा में रियायतें जैसे रेलवे और बस टिकटों में छूट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। वरिष्ठ नागरिकों के प्रमुख अधिकारों में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, 2007 के तहत भरण-पोषण का अधिकार शामिल है। उन्हें संपत्ति से जुड़े अधिकार भी प्राप्त हैं, जिनमें जबरन बेदखली से सुरक्षा और गरिमा व सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्रमुख हैं। निशुल्क कानूनी सहायता के तहत मुकदमा दायर करने में सहायता, वकील की सेवाएं और विधिक सलाह जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।


