भास्कर न्यूज |बागडेहरी कुंडहित प्रखंड क्षेत्र में आदिवासियों के महापर्व सोहराय उर्फ वंदना धूमधाम से मनाया जा रहा है। सोमवार को सोहराय के चौथा दिन हाकुकाटकम का आयोजन किया गया। हाकुकाटकम के मौके पर कुंडहित प्रखंड के चंद्रडीह, बरमेसिया, धोबना, इनायतपुर, धेनुकडीह, पहाड़गोड़ा, खैरबोना, गुंदलीडीह, शंकरपुर, दुर्गापुर, बाजनापा़ड़ा, बाघाशोला, कालीपाथर, सौराकी, अगैया, पुतुलबोना, पाहाड़गोड़ा, आदि दर्जनों आदिवासी बहुल गांवों के आदिवासी युवक और युवतियों ने समूह बनाकर गांव के निकट के जलाशय पहुंचकर मछलियों का शिकार किया। सोहराय के दौरान मछली मारने का विशेष महत्व होता है। हाकुकाटकम के दौरान शिकार की गई मछलियों को गांव लाते है तथा सामूहिक रूप से मछलियों को पकाकर खाया जाता है। गुरुवार को सोहराय के इस विशेष आयोजन को लेकर आदिवासी समुदाय के लोगो का उत्साह देखते ही बन रहा था। मछलियों के शिकार के दौरान सभी एक दूसरे से आगे निकल जाना चाहते थे। बहरहाल गुरुवार को हाकुकाटकम के अवसर पर आदिवासी समूदाय के लोगों ने पूरे हर्ष और उत्साह के साथ मछलियों के शिकार की परंपरा का निर्वहन किया। शाम होते ही सभी आदिवासी गांवों मे महिलाओ एवं युवतियों की टोली बनाकर आदिवासी परंपरागत तरीके से नृत्य गीत शुरु करते है। नृत्य गीत में गांव के पुरुषों द्वारा मादर तथा अन्य बाद्य यंत्र के साथ सामूहिक योगदान करते हैं। जो देर रात तक नृत्य गीत का सिलसिला चलता है। फिलहाल क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में सोहराय की धूम पूरे चरम पर है।


