पाली जिला कलेक्टर एलएन मंत्री ने बुधवार को पाली शहर के मंडिया रोड पूनायता औद्योगिक क्षेत्र से लेकर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवरेज प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में नदी में जा रहे नाले में रंगीन पानी बहता देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ से पूछा- नाले में रंगीन पानी क्यों और कहां से आ रहा है। उन्होंने तुरंत जांच करवा दोषियों को रंगीन पानी चोरी-छीपे छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसे में एक टीम मौके से जांच के लिए निकली। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित पाली औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पाली आएगी। इसको लेकर बुधवार को जिला कलेक्टर एनएल मंत्री, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी, सीईटीपी प्लांट के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी के साथ औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षण के लिए पहुंचे, जिससे कोई कमी नजर आए तो उसे दुरुस्त करवाया जा सके। यह भी पढ़े – *पाली में सीईटीपी फाउंडेशन करेगा ट्रीटमेंट प्लांट-6 का संचालन:* पुलिस की मौजूदगी
में बटन दबाकर स्टॉर्ट किया; 10 नवंबर से था बंद नाले में रंगीन पानी देख जताई नाराजगी
पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में नदी में जा रहे नाले में रंगीन पानी देख जिला कलेक्टर ने नाराजगी जताई। मौके पर रंगीन पानी का TDS चेक किया गया। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी को जिला कलेक्टर ने पूछा की यह सब क्या है। इसे तुरंत सुधरवाओ। इस पर उन्होंने एक टीम तुरंत फेज एक-दो औद्योगिक क्षेत्र के लिए रवाना की, जिससे जो चोरी-छिपे रंगीन पानी छोड़ रहे है, उन उद्यमियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। यह भी पढ़े – *पाली में बांडी नदी को दूषित करने की साजिश:* ट्रीटमेंट प्लांट बंद हुआ, फैक्ट्री मालिक
बिना नंबर के टैंकरों से डाल रहे गंदा पानी आरओ ने माना नदी-नालों में चोरी छिपे छोड़ा जा रहा रंगीन पानी
बांडी नदी में बहते रंगीन पानी के सवाल पर आरओ अमित सोनी ने भी माना कि कुछ उद्यमी चोरी छीपे फैक्ट्रियों का रंगीन पानी बांडी नदी में छोड़ रहे है। नदी में जेसीबी से की गई सफाई को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फैक्ट्रियों में देखी व्यवस्था
जिला कलेक्टर ने मंडिया रोड क्षेत्र में दो-तीन फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। प्रदूषित पानी प्लांट तक कैसे पहुंचा है। फैक्ट्री को कितनी KLD पानी डिस्चार्ज करने की इजाजत है और कितना रंगीन पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। रंगीन पानी फैक्ट्री में कहां स्टोर किया जाता है आदि की जानकारी ली। प्लांट छह से लेकर सीवरेज प्लांट भी देखा
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने पूनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित ट्रीटमेंट प्लांट संख्या छह से लेकर नगर निगम का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी देखा और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। दैनिक भास्कर ने बताया था नाले में बह रहा रंगीन पानी
14 दिसम्बर को दैनिक भास्कर डिजिटल ने पाली में सीईटीपी फाउंडेशन करेगा ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया था कि पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में नदी में जा रहे नाले में फैक्ट्रियों का रंगीन पानी बहकर सीधे बांडी नदी में जाकर उसे दूषित कर रहा है। 10 दिसम्बर को ‘पाली में बांडी नदी को दूषित करने की साजिश’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया कि रात के अंधेरे में फैक्ट्रियों का रंगीन पानी सीवरेज की हौदी में चोरी छिपे खाली क्यों किया रहा है, लेकिन उसके बाद भी प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।


