डीग के ब्रज क्षेत्र की धार्मिक और पौराणिक पर्वत श्रृंखलाओं पर अवैध खनन जारी है। राजस्थान के पहाड़ी नगर सीकरी क्षेत्र में डाइनामाइट के प्रयोग से पहाड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसी के विरोध में डीग जिले के कस्बा खोह में बुधवार को तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। यह अवैध खनन पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ रहा है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को भी प्रभावित कर रहा है। राधा-कृष्ण की लीलास्थली माने जाने वाले ये पर्वत ब्रज संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जो तेजी से नष्ट हो रहे हैं। स्थानीय लोगों, साधु-संतों और सामाजिक संगठनों द्वारा इन पर्वतों को बचाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। खनन माफियाओं के प्रभाव के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से ब्रज क्षेत्र के सभी पौराणिक पर्वतों को संरक्षित वन भूमि घोषित करने और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में भूरा बाबा, हरि बोल बाबा, राधेश्याम बाबा, बालकृष्ण शरण, राधा बल्लभ दास, हरि गोपाल, नारायण दास, सरपंच अलीपुर, शेखर, सुभाष, अजय, देवला, गोरधन, नन्नू गुर्जर, धर्मवीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


