10 माह पहले पूरा होना था परवन पेयजल प्रोजेक्ट, अभी तक टेंडर ही फाइनल नहीं

भास्कर न्यूज| झालावाड़ परवन पेयजल परियोजना के लिए तीन जिलों के लोगों को अभी और इंतजार करना होगा। कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना के तहत 1402 गांवों और 276 ढाणियों के करीब 20 लाख से अधिक ग्रामीणों की प्यास बुझाने परवन पेयजल प्रोजेक्ट को सितंबर 2021 में स्वीकृति मिली थी। साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की अभी तक शुरुआत ही नहीं हो पाई है। पांच फेज में होने वाले इस कार्य के एक भी टेंडर अभी तक फाइनल नहीं हो पाए हैं। टेंडर फाइनल होने के बाद काम शुरू होगा तो भी उसे पूरा होने में करीब 3 साल का समय लगेगा। यानी, अभी परवन बांध के पानी के लिए प्रोजेक्ट में शामिल गांवों को करीब 3 साल का और इंतजार करना पड़ेगा। गौरतलब है कि तीन बार परवन पेयजल प्रोजेक्ट के टेंडर कैंसिल हो गए। इसके बाद अधिकारियों को टेंडर निकालने में भी काफी समय लगा। इसी का नतीजा है कि परवन पेयजल प्रोजेक्ट के काम मेें देरी पर देरी होती जा रही है। दस माह पहले तो इसका काम ही पूरा हो जाना चाहिए था, जबकि अभी तक तो शुरुआत ही नहीं हो पाई। फैक्ट फाइल { 311 झालावाड़ जिले के गांव जुड़ेंगे परवन पेयजल प्रोजेक्ट से { 184 कोटा जिले के गांवों को मिलेगा पानी { 908 बारां जिले के गांवों की प्यास बुझेगी परवन पेयजल प्रोजेक्ट से { 3500 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट { 184 बारां और 92 कोटा झालावाड़ जिले में पेयजल टंकियों का होगा निर्माण { 3 बार टेंडर कैंसिल हो चुके हैं परवन पेयजल प्रोजेक्ट के। पेयजल के लिए 50 एमक्यूएम पानी आरक्षित रहेगा इस परियोजना के तहत साल 2054 तक की जरूरत को देखते हुए 20 लाख 88 हजार लोगों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए जल संसाधन विभाग ने बांध में 50 एमक्यूएम पानी आरक्षित किया है। अभी इन पांच फेज के टेंडर प्रक्रिया में चल रहे हैं। वित्तीय बिड नहीं खुल पाई है, इसकी तकनीकी जांच जारी है। परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना में 10 हजार किमी की पाइपलाइन डलेगी। इंटेकवेल सहित जलशोधन संयंत्र भी बनेंगे, लेकिन इनके टेंडर भी नहीं हो पा रहे हैं। इस परियोजना में 734 किमी की ट्रांसमिशन और 4315 किमी क्लस्टर लाइन बिछेगी। परियोजना के तहत 2 इंटेक पंप गृह, 2 जलशोधन संयंत्र, 37 स्वच्छ जलाशय, 315 उच्च जलाशय बनेंगे। 734 किमी मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन, 4315 किमी क्लस्टर वितरण पाइपलाइन और 4430 किमी ग्रामीण वितरण पाइपलाइन डाली जाएगी। चार स्थानों पर पंप गृह निर्माण व पीएलसी स्कॉडा के कार्य होंगे। इसके साथ डेडिकेटेड विद्युत फीडर एवं जीएसएस निर्माण कार्य होंगे। साथ ही 1 लाख 52 हजार 437 घरों में नल कनेक्शन दिए जाएंगे। ^परवन पेयजल प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 2021 से अब तक तीन बार टेंडर कैंसिल हो चुके हैं। इस कारण से काम शुरू नहीं हो पाया। अब टेंडर जांच फाइनल होते ही वित्तीय बिड खुलेगी और काम शुरू हो जाएगा। – दीपक झा, एसई

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