जगराओं में भारतीय किसान यूनियन एकता डाकौंदा, ब्लॉक सिधवां बेट के प्रतिनिधि मंडल ने यूरिया खाद की किल्लत को लेकर तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया। ब्लॉक अध्यक्ष जगजीत सिंह कलेर के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार वरिंदर भाटिया को एक लिखित मांग पत्र सौंपा। उन्होंने स्थानीय एसडीएम का तीन-चार घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उनके कार्यालय न पहुंचने पर तहसीलदार को ज्ञापन दिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सीजन में बाजारों और सहकारी समितियों में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन पर इस समस्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। किसान बोले- यूरिया की हो रही खुलेआम कालाबाजारी मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बाजार में यूरिया की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। व्यापारी किसानों को यूरिया खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन पर इस ‘लूट’ पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने पिछली बाढ़ से किसानों और खेत मजदूरों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की सुस्ती और लालफीताशाही के कारण बाढ़ पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। किसान नेताओं ने व्यंग्य करते हुए कहा कि आपदा के समय जनता ने एक-दूसरे की मदद की, लेकिन सरकार अभी तक नुकसान की सूची भी पूरी नहीं कर पाई है। एसडीएम कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी किसान नेताओं ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि यदि गेहूं की फसल के लिए यूरिया संकट का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में एसडीएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में ब्लॉक सचिव कुलवंत सिंह कांता गालिब, सहायक सचिव जसविंदर सिंह भामल, हरजिंदर सिंह शेरपुरा, बलवंत सिंह शेरपुरा, जिंदर सिंह भामल और केवल सिंह सहित कई किसान नेता मौजूद थे।


