दमोह जिले के तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में बुधवार दोपहर बंशीपुर बीट के जंगल में एक तेंदुए का शव मिला। नाले के पास तेंदुए को मृत अवस्था में पड़ा देख एक चरवाहे ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही डीएफओ ईश्वर जरांडे, एसडीओ प्रतीक दुबे और रेंजर नीरज पांडे सहित वन अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना किया और तेंदुए के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के शरीर पर बाहरी चोट या शिकार के कोई निशान नहीं मिले हैं, जिससे शिकार की आशंका को खारिज किया गया है। आशंका- भूख या बीमारी से गई जान वन विभाग की मौजूदगी में तेंदुए का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टरों को जांच के दौरान तेंदुए की आंतें पूरी तरह खाली मिलीं। इस आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए की मौत भूख, अत्यधिक कमजोरी या किसी गंभीर बीमारी की वजह से हुई हो सकती है। विसरा लैब भेजा गया तेंदुए की मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए उसका विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है। रेंजर नीरज पांडे का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस वजह से हुई। पोस्टमॉर्टम के बाद नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।


