नर्मदापुरम जिले के मनवाड़ा में चचेरे भाइयों शुभम कीर और करण कीर की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में शामिल सभी पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए। कोर्ट से बाहर निकलते समय आरोपियों ने कैमरा देखकर अपने चेहरे दूसरी ओर कर लिए। जाते समय एक आरोपी अपने वकील से जेल में मिलने आने की बात करता भी सुनाई दिया। घटना का रिक्रिएशन भी किया
पुलिस ने मुख्य आरोपी केवलराम कीर, उसके भांजे नवल कीर, अजय कीर, सौरभ इवने और दिनेश उर्फ दिन्नू इवने को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर हत्या की पूरी घटना का रिक्रिएशन कराया। पुलिस ने शुभम और करण को फेंके गए स्थानों की भी निशानदेही करवाई। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, खून से सने कपड़े, बका (धारदार हथियार) और शव ले जाने में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, शुभम की हत्या के बाद बका को केवलराम के घर में एक झोले में छुपाकर रखा गया था। वहीं आरोपी दिनेश ने सिंगवाड़ा में जाकर खून से सने कपड़े बदले थे, इसके बाद वह अपने भतीजे सौरभ के साथ ट्रेन से महाराष्ट्र फरार हो गया था। बेहोशकर कर ऑटो में ले गए, फिर घर जाकर मर्डर किया
एसडीओपी संजू चौहान ने बताया कि यह घटना 17 दिसंबर को शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद हुई। मारपीट में शुभम और करण दोनों बेहोश हो गए थे। इसके बाद आरोपियों ने दोनों को ऑटो में बैठाकर बागरा तवा के जंगल में ले गए। वहां शुभम की बका से हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया। वहीं करण कीर को सोहागपुर थाना क्षेत्र के बांसखापा रेलवे ट्रैक पर डाल दिया गया। कुछ ही देर बाद वहां से ट्रेन गुजरने पर उसकी मौत हो गई। मामले को छुपाने के लिए मुख्य आरोपी केवलराम ने रेत कंपनी के कर्मचारियों से झगड़े की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन पुलिस ने कुछ ही घंटों में सच्चाई पकड़ ली। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया कि पुलिस ने करीब 36 घंटे में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।


