पैंट पर सुसाइड नोट लिखकर प्रेमी ने जान दी:अंबेडकरनगर में प्रेमिका की लाश 4 दिन पहले मिली थी, युवक 3 KM दूर पेड़ पर लटका मिला

‘मैंने स्नेहा को नहीं मारा है। प्लीज उसके मोबाइल की डिटेल देखिएगा… मेरे मरने का कारण स्नेहा के घर वाले हैं।’ अपनी पैंट पर ये बातें लिखकर एक युवक ने जान दे दी। युवक की लाश, आजमगढ़ में बुधवार सुबह एक पेड़ से लटकी हुई मिली। युवक की पहचान अंबेडकरनगर के नंदना गांव के रहने वाले सौरभ गौड़ के रूप में हुई है। दरअसल, युवक पर अपनी प्रेमिका की हत्या का आरोप है। इस मामले में उस पर एफआईआर दर्ज है।प्रेमिका की लाश 4 दिन पहले 20 दिसंबर को एक पानी टंकी के पास मिली थी। करीब 4 दिनों से पुलिस को उसकी तलाश थी। पहले देखें 3 तस्वीरें… प्रेमिका का 4 दिन पहले शव मिला था राजेसुल्तानपुर थानाक्षेत्र के नसरुद्दीनपुर गांव की रहने वाली 15 वर्षीय स्नेहा की लाश एक पानी की टंकी के पास 20 दिसंबर को मिली थी। कक्षा 11 की स्टूडेंट स्नेहा बीते 2 दिसंबर को घर से लापता हो गई थी। परिजन ने बेटी के अपहरण का आरोप पदुमपुर के रहने वाले सौरभ गौड़ पर लगाया था। सौरभ और स्नेहा के गांवों के बीच की दूरी करीब 5 किलोमीटर है। दोनों का करीब डेढ़ साल से अफेयर चल रहा था। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने सौरभ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उधर, 20 दिसंबर की सुबह तेंदुवाई कला गांव के बाहर पानी की टंकी के पास स्नेहा का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्नेहा के शरीर पर चोट के कई निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने सौरभ के खिलाफ हत्या की धाराएं लगा दी। हत्या का आरोप लगने के बाद सौरभ फरार हो गया। 24 दिसंबर बुधवार को अब सौरभ का शव पेड़ से लटकता हुआ मिला। पुलिस के मुताबिक दोनों के शव 3 किलोमीटर की दूरी पर मिले हैं। बहन ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर का लगाया आरोप सौरभ गौड़ की बहन अंशु ने आरोप लगाया है कि पुलिस उसे थाने ले जाकर उसके साथ मारपीट करती थी और उसे टॉर्चर किया गया। अंशु का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद उसका भाई उस लड़की से नहीं मिलता था। उसका भाई 2 दिसंबर से घर से गायब था, जिसके बाद से पुलिस रोजाना उनके घर आने लगी थी। आरोप है कि पुलिस उसे और उसकी मां को थाने ले जाकर मारती-पीटती थी। वहीं, इस मामले में थानाध्यक्ष अक्षय पटेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सौरभ के परिजन अपने बचाव के लिए पुलिस पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। दोनों पहले भी भागे थे, जेल जा चुका है सौरभ गांव वालों के मुताबिक पहले भी दोनों परिवारों में विवाद हो चुका है। दोनों पहले साथ भागे थे; परिजनों की शिकायत पर सौरभ जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह गमगीन रहता था। वह कहता था, “मैं फंस जाऊंगा, कोई मेरी बात नहीं सुनेगा।” ——————————— यह खबर भी पढ़िए… UP का उन्नाव रेप केस-पूर्व BJP विधायक सेंगर को जमानत, 6 साल में बाहर उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल दे दी है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने सेंगर की सजा को अपील पर सुनवाई पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया। सेंगर ने सजा के खिलाफ अपील की है। अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को 15 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही 4 शर्तें भी लगाईं। पढ़ें पूरी खबर…

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