रांची| मसीही समुदाय ने बुधवार की आधी रात बालक येसु का जन्म उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। जैसे ही रात के 12 बजे शहर के सभी चर्चों में घंटे-घड़ियाल की आवाज गूंज उठी और पुण्यरात की आराधना शुरू हो गई। विश्वासियों ने इसे उस क्षण के रूप में याद किया, जब परमेश्वर का पुत्र येसु मानव रूप में अवतरित हुए। संत मरिया महागिरजाघर, संत पॉल्स कैथेड्रल और जीईएल चर्च समेत शहर के सभी चर्चों में विशेष आयोजन किए गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद गिरजाघर खचाखच भरे रहे। कई श्रद्धालु चर्च के बाहर खड़े होकर भी प्रार्थना में शामिल हुए। धर्मगुरुओं ने अपने संदेश में कहा कि क्रिसमस प्रेम, शांति और भाईचारे का पर्व है। ईश राज दिलों में बसता हैशांति और प्रेम ही उसका आधार ख्रीस्त जन्म पर्व शांति, सद्भाव और प्रेम का संदेश देता है। सबसे बड़ा संदेश यह है कि ईश्वर हमारी अयोग्यता के बावजूद हमसे प्रेम करता है। येसु ख्रीस्त ने जिस राज्य की बात की, वह कोई राजनीतिक या भौगोलिक राज्य नहीं था, बल्कि वह मनुष्यों के दिलों में बसने वाला राज्य था। नए विधान में वर्णित है कि प्रारंभिक कलीसिया के लोग एक मन और एक हृदय होकर रहते थे, उनके बीच किसी प्रकार का अभाव नहीं था। यही ईश राज है। क्रिसमस की शुभकामनाओं के साथ यह अपील है कि आज के समय में, भारत और विश्व दोनों के लिए यह संदेश और भी प्रासंगिक है कि हम मिल-जुलकर, शांति और प्रेम के साथ रहें। सेवा और क्षमा के भाव को अपनाएं। प्रभु के जन्मदिन पर दुनिया भर में 24 घंटे के लिए शांति हो शांति के राजकुमार का आगमन हमारे जीवन में नई आशा जगाता है, क्योंकि मुक्तिदाता का जन्म पूरी दुनिया के कल्याण के लिए हुआ है। इसी भावना के साथ मैं यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता हूं। यह संघर्ष मानवता के लिए गंभीर पीड़ा का कारण बन रहा है। मैं दुनिया के सभी सद्भावना रखने वाले लोगों से अपील करता हूं कि कम से कम उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के दिन एक दिन की शांति का सम्मान किया जाए। यदि क्रिसमस के अवसर पर पूरी दुनिया में 24 घंटे के लिए भी युद्ध थम जाए, तो यह मानवता के लिए बड़ी राहत होगी। त्योहारों के समय फिजूलखर्ची से बचें और युद्ध से प्रभावित लोगों, जरूरतमंदों और गरीबों की सहायता करें। यही सच्चा उत्सव है। विश्वासियों से मेरी प्रार्थना है कि वे ईश्वर को स्मरण करते हुए इस खूबसूरत जीवन के लिए कृतज्ञता प्रकट करें, प्रभु के प्रेम की शक्ति पर विश्वास रखें और उनके बताए मार्ग पर चलें।


