भास्कर एक्सप्लेनर प्रदेश के मेडिकल से जुड़े लाखों छात्रों की खबर है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नए साल में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में मेडिकल के होनहार छात्र-छात्राओं के लिए अनूठी पहल प्रारंभ करने जा रहा है। इसके तहत मेडिसिन, डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग, फिजियोथैरेपी, पैरामेडिकल डिग्री में दूसरे एवं तीसरे नंबर पर अंक लाने वालों को दानदाताओं के नाम पर भी मेडल के साथ प्रमाण पत्र भी मिलेगा। अभी तक किसी भी फैकल्टी में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले छात्र को गोल्ड मेडल दिया जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे केवल टॉपर ही नहीं बल्कि बहत्तर प्रदर्शन करने वाले अन्य छात्रों को भी प्रोत्साहन के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। ऐसे कर सकेंगे पदक का नामकरण {कोई भी स्पॉन्सर विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार स्पॉन्सर(दानदाता) अपनी ओर से दिए जाने वाले पदक का नामकरण ट्रस्ट, कंपनी, संस्थान, खुद के नाम, पिता या दादा के नाम कर सकते हैं, लेकिन गोल्ड मेडल के लिए सात लाख रुपए, सिल्वर के लिए पांच लाख और कांस्य या नकद पुरस्कार के लिए तीन लाख रुपए की राशि भामाशाह को देनी पड़ेगी। कोई भी भामाशाह पदक के नामकरण के लिए विवि के रजिस्ट्रार ऑफिस में संपर्क कर सकता है। {नियम और शर्तें: इन पदकों के लिए छात्र-छात्राओं के चयन के मानदंड विश्वविद्यालय की ओर से तय किए जाते है, जिसमें बिना किसी बैक पेपर के अच्छा शैक्षणिक प्रदर्शन, सबसे ज्यादा अंक और अच्छा आचरण जैसे मानदंड के आधार पर चयन किया जाता है। स्वास्थ्य कल्याण ग्रुप जयपुर डीन एवं चीफ एकेडेमिक ऑफिसर डॉ. ए.चौगले ने बताया कि 11वां दीक्षांत समारोह अप्रैल में होगा। इसमें वर्ष 2024 में डिग्री ले चुके छात्रों को उपाधि मिलेगी। 2025 के जिनकी इंटर्नशिप नहीं (फार्मेसी, नर्सिंग और पैरामेडिकल) होगी, उन्हें इसी दीक्षांत समारोह में शामिल किया जाएगा। इंटर्नशिप वाले मेडिकल, डेंटल छात्रों को दूसरी बार दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। एक विद्यावारिधी छात्रवृत्ति योजना : प्रदेश के सरकारी एवं निजी मेडिकल-डेंटल कॉलेजों में नीट से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यावारिधी छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ की है। योजना के तहत प्रति छात्र दस हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रथम 100 छात्र-छात्राओं की वरीयता सूची मांगी है। आवेदन 31 दिसंबर तक जमा करवा सकते हैं।


